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राधाष्टमी 2026: सड़कों पर श्रद्धालुओं का हुजूम और राधे-राधे की गूंज; तस्वीरों में देखें बरसाना की अद्भुत छटा
Fri, 18 Sep 2026 10:44 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 18 Sep 2026 10:44 PM IST
सार
राधाष्टमी की पूर्व संध्या पर बरसाना में अद्भुत छटा देखने को मिली। रोशनी से जगमग श्रीजी की नगरी में भक्तों का उल्लास देखते ही बनता था। हर कोई राधा की भक्ति में लीन था।
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राधाष्टमी के उल्लास में डूबा बरसाना।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा के बरसाना में लाडो के जन्म की मंगल बेला पर भानु भवन बधाइयों के स्वरों से गूंज उठा। लाला के गांव नंदगांव से जन्म की बधाई लेकर पहुंचे समाजियों के राधा जन्म के पदों ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। सखियां भावविभोर होती रहीं और श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारों में झूमते रहे। उधर फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजी बरसाना की गलियां, मंदिरों की सीढ़ियां और परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। कोई श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ रहा था तो कोई राधे-राधे का संकीर्तन करते परिक्रमा में लीन था। महल-अटारी की जगमगाहट और भक्ति में डूबे धाम के बीच अब हर निगाह उस मंगल घड़ी पर टिकी है, जब श्रीजी महल में राधारानी का प्राकट्य होगा।
बरसाना में राधारानी के प्राकट्य की बधाई लेकर पहुंचे नंदगांव के समाजी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच नंदगांव से समाजी राधा जन्म की बधाई लेकर बरसाना पहुंचे। नंदगांव के समाजियों ने बधाई के पद गाए तो भानु भवन का उल्लास और गहरा हो गया। बधाई के स्वरों के बीच सखियां भावविभोर होती रहीं और श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारों में झूमते रहे। नंदगांव से बरसाना पहुंचने वाली यह बधाई ब्रज की उस आत्मीय परंपरा को जीवंत करती है, जिसमें लाला के गांव से लाडो के जन्म की खुशी लेकर समाजी बरसाना आते हैं।
रोशनी में जगमग बरसाना।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोशनी में निखरी बरसाना की छटा
रात ढलने के साथ बरसाना की छटा और निखर उठी। प्रमुख मार्गों और गलियों में रोशनी की लड़ियां जगमगाती रहीं। फूलों से सजे मंदिर और बाजार श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचते रहे। श्रीजी मंदिर की सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। हाथों में पूजा की थाली, फूल और प्रसाद लिए श्रद्धालु श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ते रहे। परिक्रमा मार्ग पर राधे-राधे का संकीर्तन करते श्रद्धालुओं के जत्थे आगे बढ़ते रहे। भजन संध्या में महिलाएं, बच्चे और युवा भक्ति में झूमते नजर आए। जयकारों और भजनों की गूंज देर रात तक जन्मोत्सव की उमंग को जीवंत करती रही।
रात ढलने के साथ बरसाना की छटा और निखर उठी। प्रमुख मार्गों और गलियों में रोशनी की लड़ियां जगमगाती रहीं। फूलों से सजे मंदिर और बाजार श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचते रहे। श्रीजी मंदिर की सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। हाथों में पूजा की थाली, फूल और प्रसाद लिए श्रद्धालु श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ते रहे। परिक्रमा मार्ग पर राधे-राधे का संकीर्तन करते श्रद्धालुओं के जत्थे आगे बढ़ते रहे। भजन संध्या में महिलाएं, बच्चे और युवा भक्ति में झूमते नजर आए। जयकारों और भजनों की गूंज देर रात तक जन्मोत्सव की उमंग को जीवंत करती रही।
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बरसाना में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब श्रीजी महल में जागेगी मंगल बेला
देशभर से आए श्रद्धालु राधारानी के प्राकट्य की मंगल बेला के साक्षी बनने के लिए बरसाना में डटे रहे। किसी के हाथ में फूल थे तो कोई प्रसाद लेकर श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ रहा था। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों और परिक्रमा मार्ग तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। रात दो बजे श्रीजी महल में मंगल गायन के साथ मूलशांति पूजा शुरू होगी।
देशभर से आए श्रद्धालु राधारानी के प्राकट्य की मंगल बेला के साक्षी बनने के लिए बरसाना में डटे रहे। किसी के हाथ में फूल थे तो कोई प्रसाद लेकर श्रीजी के दरबार की ओर बढ़ रहा था। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों और परिक्रमा मार्ग तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। रात दो बजे श्रीजी महल में मंगल गायन के साथ मूलशांति पूजा शुरू होगी।
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बरसाना में की गई भव्य सजावट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूल नक्षत्र में राधारानी के प्राकट्य से जुड़ी इस परंपरा में कुओं का जल, पवित्र स्थानों की रज, औषधियां और फल सहित विशेष पूजन सामग्री शामिल की जाएगी। इसके बाद भोर चार बजे श्रीजी महल में राधारानी का प्राकट्य होगा। प्राकट्य के बाद श्रीजी का पंचामृत अभिषेक और विशेष शृंगार होगा। मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को राधारानी के दिव्य दर्शन मिलेंगे।