मेरठ के ब्रह्मपुरी के सौरभ हत्याकांड में दोषी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। सौरभ राजपूत की हत्या की दोषी पत्नी मुस्कान को मथुरा जेल में फांसी दी जा सकती है। यहां प्रदेश का एकमात्र महिला फांसी घर है। हालांकि मृत्युदंड के मामले में सत्र न्यायालय के फैसले की उच्च न्यायालय से पुष्टि आवश्यक होती है।
इसके बाद अपील और दया याचिका जैसी कानूनी प्रक्रियाएं भी हो सकती हैं। इसलिए फांसी की तारीख और सजा पर अमल की स्थिति आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया है कि अगर कानूनी प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं आई तो मुस्कान को यही फांसी दी जाएगी।
2 of 18
आरोपी साहिल और मुस्कान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शबनम को दी जानी है फांसी
मथुरा जिला कारागार में महिला बंदियों को फांसी देने के लिए फांसीघर मौजूद है। आजादी के बाद से यहां किसी महिला को फांसी नहीं दी गई है। अगर मुस्कान को फांसी लगी तो यह पहली महिला होगी जिसको आजादी के बाद फांसी होगी। हालांकि अमरोहा जिले के बावनखेड़ी में वर्ष 2008 में सात लोगों के नरसंहार मामले में दोषी शबनम को फांसी की सजा सुनाई गई थी, पर अभी उसकी दया याचिका लंबित है।
3 of 18
मुस्कान और सौरभ की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जेल मैनुअल के तहत अभी मुस्कान के साथ रहेगी बच्ची
जिला अदालत द्वारा मुस्कान रस्तोगी को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में उसके साथ रह रही 10 महीने की मासूम बच्ची के भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्ची की स्थिति में तत्काल कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
4 of 18
मुस्कान और सौरभ की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरअसल मुस्कान ने नवंबर 2025 में जेल में ही अपनी छोटी बेटी को जन्म दिया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल मैनुअल के नियमों के मुताबिक, कोई भी बच्चा छह साल की उम्र तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकता है।
5 of 18
मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुस्कान की 10 महीने की बेटी राधा फिलहाल उसके साथ ही रहेगी और जब उसकी फांसी की तारीख तय होगी, तब बच्ची के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल में ही रखा जाएगा या कहीं और स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाएगा, इस पर कोर्ट का विस्तृत आदेश मिलने के बाद फैसला होगा।