{"_id":"5ed108dd8ebc3e90a9392090","slug":"woman-dies-at-the-door-of-the-women-s-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल की देहरी पर प्रसूता की मौत, पति बोला महिला और जिला अस्पताल के बीच टहलाते रहे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल की देहरी पर प्रसूता की मौत, पति बोला महिला और जिला अस्पताल के बीच टहलाते रहे कर्मचारी
Fri, 29 May 2020 06:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 29 May 2020 06:44 PM IST
विज्ञापन
पत्नी की मौत के बाद बैठा पति
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के हरदोई में प्रसव के बाद हालत बिगडऩे पर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची प्रसूता की महिला अस्पताल के दरवाजे पर मौत हो गई। पति का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारी उसे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के बीच दौड़ाते रहे और इसी दौरान पत्नी ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम रामापुर रहोलिया निवासी छोटे लाल अपनी पत्नी छोटी बिटिया के साथ एक ईंट भट्ठा पर मजदूरी करता है। छोटे लाल के मुताबिक दो दिन पहले उसकी पत्नी का प्रसव ईंट भट्ठा परिसर में बने झोपड़ीनुमा मकान में हुआ था। इसके बाद से ही छोटी बिटिया की हालत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन
पत्नी की मौत के बाद कुछ समझ नहीं आया तो सिर पर हाथ रख बैठ गया
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार की सुबह छोटे लाल अपनी पत्नी छोटी बिटिया को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो आकस्मिक चिकित्सा कक्ष से उसे महिला चिकित्सालय जाने की सलाह दे दी गई। छोटे लाल का आरोप है कि उसे अस्पताल में स्ट्रेचर तक नहीं मिला और अपनी पत्नी को उसने महिला अस्पताल में पोर्टिगो के निकट जमीन पर लिटा दिया।
छोटे लाल का कहना है कि महिला अस्पताल में भी किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की और जिला अस्पताल में दिखाने को कहा। लगभग डेढ़ घंटे की रस्साकसी के बाद जब छोटे लाल अपनी पत्नी के पास पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
सीएमओ डा. एसके रावत का कहना है कि महिला की मौत अस्पताल परिसर में घुसते ही हो गई थी, लेकिन फिर भी लापरवाही की बात को लेकर संबंधित लोगों से जानकारी ली जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि नवजात स्वस्थ्य है और मृतका का शव उसके गांव शववाहन से भेज दिया गया है।
छोटे लाल का कहना है कि महिला अस्पताल में भी किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की और जिला अस्पताल में दिखाने को कहा। लगभग डेढ़ घंटे की रस्साकसी के बाद जब छोटे लाल अपनी पत्नी के पास पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
सीएमओ डा. एसके रावत का कहना है कि महिला की मौत अस्पताल परिसर में घुसते ही हो गई थी, लेकिन फिर भी लापरवाही की बात को लेकर संबंधित लोगों से जानकारी ली जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि नवजात स्वस्थ्य है और मृतका का शव उसके गांव शववाहन से भेज दिया गया है।