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आठ पुलिसकर्मियों को मारने के बाद बाबा बन गया था विकास का साथी बालगोविंद, करने लगा था संतों की सेवा
Thu, 13 Aug 2020 04:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 13 Aug 2020 04:26 PM IST
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विकास दुबे कांड: पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद बालगोविंद करने लगा था संतो की सेवा
- फोटो : amar ujala
चित्रकूट से सोमवार रात को एसटीएफ के हत्थे चढ़ा विकास दुबे का गुर्गा बाल गोविंद दुबे वहां के कुंज बिहारी आश्रम में डेरा डाले था। बिकरू कांड (दो जुलाई) के एक सप्ताह बाद वह चित्रकूट पहुंचा था। आश्रम की साफ-सफाई के अलावा वह साधु, संतों की सेवा करता था। इसके बदले उसे रहने और खाने को मिल जाता था।
विकास दुबे कांड: बालगोविंद को चित्रकूट से किया गया था गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के आरोपियों का चित्रकूट कनेक्शन शुरू से ही रहा है। शशिकांत पांडेय भी कई दिन चित्रकूट में डेरा जमाए रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाशों के कई कारखास इन्हीं इलाकों में रहते हैं। इसलिए कई आरोपियों ने यहां पनाह ली। बाल गोविंद भी चित्रकूट पहुंचा था। पास के ही बाजार से भगवा गमछा और कपड़े खरीदकर संत के वेष में आश्रम गया था।
विकास दुबे कांड: बालगोविंद ने भी की थी गोलियों की बौछार
- फोटो : अमर उजाला
आश्रम तक पहुंचाने वाले की तलाश
आमतौर पर किसी आश्रम में पहुंचकर कोई भी शख्स आसानी से नहीं रह सकता। आश्रम के लोग उसके बारे में जानकारी जुटाते हैं। तभी उसको रखते हैं। इसलिए पुलिस और एसटीएफ उस कनेक्शन की तलाश कर रही है, जिसने बाल गोविंद को आश्रम पहुंचाया। शुरुआती जांच में एक स्थानीय शख्स का नाम सामने आया है। चित्रकूट पुलिस भी इस संबंध में इनपुट जुटा रही है।
आमतौर पर किसी आश्रम में पहुंचकर कोई भी शख्स आसानी से नहीं रह सकता। आश्रम के लोग उसके बारे में जानकारी जुटाते हैं। तभी उसको रखते हैं। इसलिए पुलिस और एसटीएफ उस कनेक्शन की तलाश कर रही है, जिसने बाल गोविंद को आश्रम पहुंचाया। शुरुआती जांच में एक स्थानीय शख्स का नाम सामने आया है। चित्रकूट पुलिस भी इस संबंध में इनपुट जुटा रही है।
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विकास दुबे कांड:आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद साधु बनकर छिपा था
- फोटो : amar ujala
मध्यप्रदेश जाने की फिराक में था
एसटीएफ और पुलिस का मूवमेंट शुरू से ही चित्रकूट की तरफ रहा है। शशिकांत के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ ने वहां डेरा जमा दिया था। बाल गोविंद को शक हो गया था कि शायद वो पकड़ जाएगा। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह जल्द से मध्यप्रदेश जाने वाला था। ग्वालियर, उज्जैन या अन्य किसी धार्मिक स्थल पर शरण लेने की योजना थी।
एसटीएफ और पुलिस का मूवमेंट शुरू से ही चित्रकूट की तरफ रहा है। शशिकांत के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ ने वहां डेरा जमा दिया था। बाल गोविंद को शक हो गया था कि शायद वो पकड़ जाएगा। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह जल्द से मध्यप्रदेश जाने वाला था। ग्वालियर, उज्जैन या अन्य किसी धार्मिक स्थल पर शरण लेने की योजना थी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे पकड़ा गया बाल गोविंद
वारदात के बाद से बाल गोविंद मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। अपने परिचितों या राह चलते लोगों से मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक उसने एक साधु के मोबाइल से परिजनों को फोन किया। एसटीएफ पहले उस तक पहुंची, जहां से बाल गोविंद का सुराग लगा और वो धरा गया।
वारदात के बाद से बाल गोविंद मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। अपने परिचितों या राह चलते लोगों से मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक उसने एक साधु के मोबाइल से परिजनों को फोन किया। एसटीएफ पहले उस तक पहुंची, जहां से बाल गोविंद का सुराग लगा और वो धरा गया।