कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश को नया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के रूप में मिल गया है। बुधवार 20 जुलाई की शाम ये साफ हो गया कि रामनाथ कोविंद ही भारत के14वें राष्ट्रपति बनेंगे।
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद कानपुर को एक साथ दो गौरव मिल गया है। यहां के डीएवी पीजी कालेज में 1946 में अटल बिहारी वाजपेयी भी एमए की पढ़ाई कर चुके हैं। बाद में वह देश के प्रधानमंत्री बने। रामनाथ कोविंद भी यहां से बीकॉम की डिग्री हासिल कर चुके हैं। राम नाथ कोविन्द का जन्म यूपी के कानपुर देहात की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था।
उनको जानने वाले बताते हैं कि 1993 में कानपुर आये थे और कल्याणपुर इलाके के न्यू आजाद नगर में डॉ. आदित्य नारायण दीक्षित के घर में दो कमरों में किराए पर रहते थे। डॉ. आदित्य कानपुर के क्राइस्ट चर्च कालेज में फिजिक्स के प्रोफ़ेसर थे और दो कमरों के किराए के रूप में 30 रुपए देते थे।
देश के होने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां के दो कमरों में 2005 तक यहां रहे है। इसके बाद कभी कभार ही उनका परिवार यहां आता था। किराए के मकान में 12 साल रहने के बाद राम नाथ कोविंद ने कल्याणपुर इलाके में इंद्रानगर के दयानन्द विहार में अपना माकन बनवा लिया और वहां शिफ्ट हो गए।
समय के साथ रामनाथ कोविंद राजनीति और कामकाज में मशगूल होते गए और उन्हें दिल्ली में ही ज्यादा वक्त गुज़ारना पड़ता था लेकिन कानपुर के लोगों के दिलों में उनकी अमिट छाप आज भी देखी जा सकती है। अपनी सादगी के लिए मशहूर रामनाथ कोविद ने अपने कानपुर वाले मकान को बारातशाला के रूप में दान कर दिया था। बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके भतीजे पंकज की झींझक बाजार में एक छोटी सी कपड़े की दुकान है।