‘लश्कर-ए-तैयबा’ आतंकी सलीम की कुंडली सामने आते ही फतेहपुरवासियों के ‘पैरों तले जमीन खिसकी’
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बेटी के जन्म से दो माह पहले लौटी थी नाजमीन
दुबई में रहकर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण सलीम खान ने परिवार से दूरियां बना ली थीं। उसने पत्नी को भी अपने परिवार के लोगों से दूर कर रखा था। उसे लगता रहा होगा कि कहीं उसका आतंकी साया परिवार पर न पड़ जाए। लेकिन वह कितने दिनों तक परिवार से दूरी बनाकर रखता। सलीम ने छह साल पहले अपनी पत्नी नाजमीन को दुबई बुला लिया था। उसने करीब सात माह तक पत्नी और बेटे शहनवाज को साथ में रखा था। दुबई में उसकी पत्नी नाजमीन गर्भवती हो गई थी। ऐसे में उसने ससुराल कबरे गांव में पत्नी को प्रसव से दो माह पहले भेज दिया था।
फतेहपुर हथगाम बंदीपुर निवासी सलीम खान की गिरफ्तारी के बाद से उसके गांव घर और ससुराल तकके लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस और खुफिया विभाग की नजर भी परिवार पर लगी है। पुलिस भाइयों से देर रात तक पूछताछ करती रही। उनकी निगरानी में भी पुलिस को भी सादी वर्दी में लगाया गया है। थाने में भी बुलावा होता रहा है। नया चेहरा सामने आते ही उसकी टोह लेने में पुलिस जुट जा रही है। बंदीपुर गांव में मंगलवार को सन्नाटा देखने को मिला। ग्रामीणों के जेहन में दहशत का माहौल रहा है। परिवार के लोग भी सहमे रहे। पुलिस व एलआईयू ने भाइयों अलीम और मुस्तकीम से सोमवार की देर रात तक पूछताछ की। उन्हें सुबह थाने भी बुलाया गया। हालांकि वह मीडिया से बचकर थाने पहुंचे।
थानेदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों से पूछताछ की गई है। उन्हें समझा दिया गया है कि वह सीधे तरीके सारी सच्चाई सलीम के बारे में बता दें। वही उनके लिए बेहतर होगा। हालांकि पुलिस तीनों भाइयों अलीम, कलीम और मुस्तकीम से सलीम के बारे में खास नहीं उगला सकी है। उधर, ससुराल खखरेरू थाने के कबरे गांव मायके नाजमीन इलाहाबाद से पहुंची। वह अपनी मां आशफा बेगम के साथ ससुराल शाम को आई। आशफा बेगम बंदीपुर में बेटी को छोड़ने के बाद सीधे घर लौट गई। नाजमीन के आते ही लोगों की निगाहें उस पर टिक गई। गांव के महिलाओं की भीड़ भी घर में लगी रही। पुलिस और किसी अफसर के पहुंचते ही गांव के लोग दहशत में आ जा रहे हैं।