किसानों को अब फसलों में लगने वाली बीमारी से परेशान होने की जरूरत नहीं है। किसानों को मोबाइल से बीमार पौधे की फोटो खींचकर कृषि विभाग के व्हाट्सएप नंबरों पर भेजनी होगी। 48 घंटे के अंदर कृषि वैज्ञानिक किसानों को उपचार की जानकारी भेजेंगे।
कृषि विभाग के व्हाट्सऐप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर दे जानकारी
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से सरकार ने फसलों को रोगों को शत-प्रतिशत बचाने के लिए सूूचना प्रौद्योगिकी की शुरुआत की है। किसानों की अज्ञानता के चलते फसलों में लगने वाले कीट व बीमारियों के चलते पूरे देश और प्रदेश में 15 से 20 फीसदी तक उपज प्रभावित होती है।
शुरू की गई फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली फसलों में लगने वाली बीमारी व कीट पतंगों की मोबाइल से फोटो खींचकर किसान कृषि विभाग के मोबाइल नंबरों पर व्हाटसऐप या एसएमएस के माध्यम से भेजे। जहां कृषि विशेषज्ञों की टीम फोटो देखकर रोग को पहचान करेगी।
48 घंटे के भीतर उसके निदान के उपाय की जानकारी संबंधित किसानों को देगी। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 की रबी की फसल की बुवाई के लिए शत प्रतिशत बीज शोधन का अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से बीज शोधन के जैविक रसायनों पर 75 फीसदी छूट दी जा रही है।