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कोचिंग को टक्कर दे रहे सेल्फ स्टडी वाले छात्र, चौंकाने वाली ये रिपोर्ट
Mon, 08 Apr 2019 12:10 PM IST
शिखा पांडेय
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 08 Apr 2019 12:10 PM IST
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अगर आप सोचते हैं कि बिना कोचिंग के कहीं चयन नहीं हो सकता तो ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2018 की यह रिपोर्ट आपको जरूर पढ़नी चाहिए। यह रिपोर्ट शनिवार को आईआईटी कानपुर ने जारी की है। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि सेल्फ स्टडी (घर पर बैठकर तैयारी) करने वाले छात्र-छात्राएं कोचिंग करने वाले छात्रों को जबरदस्त टक्कर दे रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट से यह भी साफ हुआ है कि गांव और कस्बों से भी बड़ी संख्या में युवा अब आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपलआईटी की तरफ रुख कर चुके हैं। जेईई 2018 के जरिये पिछले साल ऐसे छात्रों की संख्या कुल 22.66 प्रतिशत रही है जबकि जेईई 2017 के आंकड़ों को देखा जाए तो गांव और कस्बे के केवल 10.34 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों तक पहुंच पाए थे।
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ऐसे पढ़ाई कर पाया एडमिशन
माध्यम पंजीकृत छात्र संख्या एडमिशन लेने वाले छात्र
सेल्फ स्टडी 97253 43.33
कोचिंग 60420 52.89
दूरस्थ शिक्षा 906 1.23
व्यक्तिगत ट्यूशन 2881 8.86
माध्यम पंजीकृत छात्र संख्या एडमिशन लेने वाले छात्र
सेल्फ स्टडी 97253 43.33
कोचिंग 60420 52.89
दूरस्थ शिक्षा 906 1.23
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गांव के स्कूलों से पढ़कर निकले चयनित छात्र (2018 की जेईई रिपोर्ट)
क्षेत्र 2018 2017
शहर 9250 (77.33 प्रतिशत) 9753 (89.66)
कस्बा व गांव 2710 (22.66 प्रतिशत) 1125 (10.34)
क्षेत्र 2018 2017
शहर 9250 (77.33 प्रतिशत) 9753 (89.66)
कस्बा व गांव 2710 (22.66 प्रतिशत) 1125 (10.34)
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सीबीएसई के छात्र सबसे ज्यादा सफल
जेईई मेन और एडवांस में सफल होने वाले छात्रों में रिकॉर्ड सीबीएसई बोर्ड के ही छात्र शामिल हैं। जेईई 2018 की रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2018-19 में सीबीएसई के कुल 71403 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जिनमें से 55.18 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है। बाकी 44.82 प्रतिशत में देश के अन्य 52 बोर्ड के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सर्वाधिक सफलता देने वाला दूसरा बोर्ड तेलंगाना प्रदेश ओपन सोसायटी है। यहां के 10.85 छात्रों का एडमिशन जेईई 2018 के जरिये हुआ है। आंध्र प्रदेश बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन के 8.34, महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एंड हायर एजुकेशन के 7.13 प्रतिशत छात्रों ने 2018 में आईआईटी, एनआईटी में एडमिशन पाया था। यूपी बोर्ड के महज 0.96 प्रतिशत छात्र ही सफल हो पाए थे। यूपी बोर्ड के आंकड़े की तुलना 2017 की रिपोर्ट से की जाए तो इसमें भी .22 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 2017 में कुल 1.18 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे।
जेईई मेन और एडवांस में सफल होने वाले छात्रों में रिकॉर्ड सीबीएसई बोर्ड के ही छात्र शामिल हैं। जेईई 2018 की रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2018-19 में सीबीएसई के कुल 71403 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जिनमें से 55.18 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है। बाकी 44.82 प्रतिशत में देश के अन्य 52 बोर्ड के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सर्वाधिक सफलता देने वाला दूसरा बोर्ड तेलंगाना प्रदेश ओपन सोसायटी है। यहां के 10.85 छात्रों का एडमिशन जेईई 2018 के जरिये हुआ है। आंध्र प्रदेश बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन के 8.34, महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एंड हायर एजुकेशन के 7.13 प्रतिशत छात्रों ने 2018 में आईआईटी, एनआईटी में एडमिशन पाया था। यूपी बोर्ड के महज 0.96 प्रतिशत छात्र ही सफल हो पाए थे। यूपी बोर्ड के आंकड़े की तुलना 2017 की रिपोर्ट से की जाए तो इसमें भी .22 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 2017 में कुल 1.18 प्रतिशत छात्र सफल हुए थे।