कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में जांच के लिए गठित सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) की टीम ने बुधवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने पनकी इंडिस्ट्रयल एरिया पुलिस चौकी पहुंचकर रेलवे ट्रैक के पास मिले पटरी के टुकड़े और क्लैंप की जांच पड़ताल की। इसके बाद लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड समेत अन्य 80 लोगों को बयान के लिए बुलाया।
Sabarmati Ex. Derail: पटरी के टुकड़े...क्लैंप को देखा, स्पीडो मीटर से खुलेंगे राज, ASG ने 80 लोगों के लिए बयान
इसके अलावा आरपीएफ, जीआरपी, टीटीई, कैरेज एंड वैगन विभाग के स्टॉफ को भी बुलाया गया। जानकारी जुटाने के बाद एसएजी की टीम पनकी और पुराना कानपुर स्टेशन गई। उन्होंने पटरी के टुकड़े को वहां की लाइन पर रखकर जांच की। इसके बाद जूही लोकोशेड में खड़े साबरमती एक्सप्रेस के इंजन की जांच की। यहां अधिकारियों ने स्पीडो मीटर और अन्य कार्ड का परीक्षण किया।
स्पीडो मीटर से खुलेंगे राज
स्पीडो मीटर से स्पीड के साथ ही मौजूदा हालात के बारे में सुराग हासिल करने के बाद जांच अधिकारी शाम को फिर साबरमती एक्सप्रेस के स्टाफ से मिले और कुछ बिंदुओं पर अतिरिक्त बयान लेकर चले गए। सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को भी टीम कुछ कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। बता दें, टीम में चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर, चीफ टैक इंजीनियर, चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ के डीआईजी शामिल हैं।
जल्द बढ़ाई जाएगी ट्रेनों की गति
गोविंदपुरी और भीमसेन स्टेशन के बीच शुक्रवार देर रात बोल्डर से टकराकर साबरमती एक्सप्रेस पटरी से नीचे उतर गई थी। रेलवे की ओर से करीब 29 घंटे में नए सिरे से लाइन चालू करा दी गई। उस समय लोहे के स्लीपर लगाकर ट्रैक चालू कराया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कंक्रीट के स्लीपर लगा दिए गए हैं। लाइन नए सिरे से बन गई है, लेकिन अभी काॅशन जारी रहेगा।
पटरी के टुकड़े को क्लैंप से बांधकर देखा
बयान दर्ज करने और साक्ष्यों को देखने के बाद टीम दो बार घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने रेलवे कर्मचारियों की मदद से दोबारा ट्रैक पर पटरी के टुकड़े को क्लैंप से बांध कर देखा। इसके बाद थाना प्रभारी पनकी मानवेंद्र सिंह से भी इस संबंध में अबतक की जांच पड़ताल के संबंध में बातचीत की।