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नरम-गरम सपूतों की धरती रही है कानपुर, वाजपेयी जी भी इसी धरती पर आकर शिक्षित हुए- राष्ट्रपति

Sun, 07 Oct 2018 12:51 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 07 Oct 2018 12:51 AM IST
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Ramnath Kovind unveil statue of Flag Song composer
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कानपुर की धरती नरम-गरम सपूतों की धरती रही है। यहां श्यामलाल गुप्त पार्षद जैसे देशभक्ति के गीत लिखने वाले रचयिता ने जन्म लिया तो गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे क्रांतिकारी भी यहीं हुए। अटल बिहारी वाजपेयी इसी धरती पर आकर शिक्षित हुए तो बालकृष्ण शर्मा नवीन जैसे साहित्यकार ने अपने लेखन से कानपुर को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। राष्ट्रपति शनिवार को नरवल में झंडा गीत के रचयिता श्यामलाल गुप्त पार्षद की प्रतिमा अनावरण के मौके पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। 

Ramnath Kovind unveil statue of Flag Song composer
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति ने कहा कि झंडा गीत में जो भी शब्द लिखे गए हैं, उसे कानपुर के लोगों को समझने की जरूरत है। किसी भी देश, समाज और शहर का झंडा तभी ऊंचा रह सकता है जब वहां के लोग सामाजिक, सांस्कृतिक रूप से जागरूक हों। हमारे शहर से बहने वाली गंगा अविरल और प्रदूषण मुक्त हो। शहर और गांव खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त हाें, आपस में समरसता हो, तभी हम विश्व विजयी हो सकते हैं।

Ramnath Kovind unveil statue of Flag Song composer
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में जितनी सुविधाएं मिलती हैं, उसी तरह की सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में छात्रों को मिलें, इसका प्रयास हम सभी जागरूक लोगों को करने की जरूरत है। इससे पहले उन्होंने पार्षद जी की प्रतिमा का अनावरण किया। बाद में समारोह स्थल से रिमोट के जरिए पार्षद जी की याद में नरवल में ही स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी और पार्षद की प्रतिमा स्थल से लाइब्रेरी तक आने वाली सड़क का भी लोकार्पण किया।

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Ramnath Kovind unveil statue of Flag Song composer
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि झंडा गीत के रचयिता श्यामलाल गुप्त पार्षद, वंदे मातरम के रचयिता बंकिमचंद्र चटर्जी और राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्र नाथ टैगोर की श्रेणी में आते हैं। कानपुर के लिए यह गर्व की बात है। उन्होेंने कहा कि वह नरवल पहली बार आए हैं लेकिन झंडा गीत वह बचपन से ही गाते आ रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने राष्ट्रपति और राज्यपाल का स्वागत किया।

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Ramnath Kovind unveil statue of Flag Song composer
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

झंडा गीत के रचयिता श्याम लाल पार्षद की जन्मस्थली नरवल में पहले राष्ट्रपति के रूप में पहुंचने वाले रामनाथ कोविंद अपने बचपन की यादों में खो गए। उन्होंने बताया कि बचपन में जब स्कूल में झंडा गीत गाया जाता था तो खुशी होती थी कि आज स्कूल में बताशा जरूर मिलेगा। उस समय झंडा गीत किसने लिखा था, इससे पूरी तरह अनभिज्ञ सभी बच्चे स्कूल में निकाली जानी वाली प्रभात फेरी समाप्त होने पर बताशा पाने का इंतजार करते रहते थे। आज की तरह उस समय स्कूलों में लड्डू नहीं, बताशा ही मिलते थे। आज पार्षद जी का झंडा गीत मुझे उनकी जन्मस्थली तक खींच लाया है। 

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