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यूं ही बॉलीवुड तक बदनाम नहीं ‘कटियाबाज’, अबकी जो किया है वो जानकर, कहेंगे- 'दईया रे ऐसा भी!'

Sun, 12 Aug 2018 09:47 PM IST
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 12 Aug 2018 09:47 PM IST
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Power theft in underground system Power department
कानपुर के कटियाबाजों अंडरग्राउंड सिस्टम में भी सेंध मार दी है
बॉलीवुड तक बदनाम हो चुके कानपुर के कटियाबाजों ने हाल ही में जो किया है उसे जानकर आप हैरान ही नहीं बल्कि दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे। वर्ष-2014 में प्रदर्शित फिल्म ‘कटियाबाज’ शहर की ध्वस्त बिजली व्यवस्था और कटियाबाजी पर केंद्रित थी। इसके निर्माता और पटकथा लेखक फहाद मस्तान चमनगंज के रहने वाले हैं। इस फिल्म के प्रदर्शन के चार साल बाद बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में बड़ा बदलाव जरूर हुआ, लेकिन कटियाबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।


 
Power theft in underground system Power department
कानपुर के कटियाबाजों अंडरग्राउंड सिस्टम में भी सेंध मार दी है
बिजली चोरी के लिए बदनाम मोहल्लों में केस्को ने इसी साल से अंडरग्राउंड सिस्टम के जरिये आपूर्ति शुरू की है। इसके तहत बाबूपुरवा, साइकिल मार्केट, माल रोड, जीआईसी (कुछ हिस्सा) सबस्टेशन को अंडरग्राउंड किया गया है, ये इलाके सबसे ज्यादा बिजली चोरी और लाइन लॉस वाले थे। इसके बाद भी बाबूपुरवा के इसराइल मार्केट में अंडरग्राउंड सिस्टम के सी टाइप पैनल से चोरी पकड़ी गई। इस मामले में नौ लोगों पर एफआईआर हुई। इसी तरह साइकिल मार्केट सबस्टेशन के परेड में भी अब तक 12 लोग पैनल से बिजली चोरी करते पकड़े गए हैं। अबकी बार तो 100 करोड़ के अंडरग्राउंड सिस्टम में भी सेंध मार दी है। अब केस्को ने यहां पर नियमित जांच कर बिजली चोरों पर एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। 
 
Power theft in underground system Power department
कानपुर के कटियाबाजों अंडरग्राउंड सिस्टम में भी सेंध मार दी है
चोरी रोकने का ठोस उपाय नहीं
अंडरग्राउंड केबल सिस्टम से भी बिजली चोरी रोकने का कोई ठोस तरीका नहीं है। हर 10 से 15 कनेक्शनों पर एक सी टाइप पैनल लगता है। इस पर ताला होता है, लेकिन एक सबस्टेशन में लगे सैकड़ों पैनलों पर ताले और उसकी चाबियां संभालना मुश्किल है। इसलिए तमाम पैनल बिना ताले के हैं। जहां बिजली चोरी हो रही है, वहां पैनलों पर लगे तालों की डुप्लीकेट चाबियां भी आसानी से बन सकती हैं। जहां यह सिस्टम है, वह घनी बस्तियां हैं। ऐसे में हर गली में लगे पैनलों की दिन में निगरानी कर भी ली जाए तो रात के वक्त कटिया लगेंगी और सुबह हट जाएंगी। यहां पकड़े गए मामले भी रात के वक्त के ही हैं।

 
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Power theft in underground system Power department
कानपुर के कटियाबाजों अंडरग्राउंड सिस्टम में भी सेंध मार दी है
फिलहाल दावा नियमित निगरानी
केस्को के अधीक्षण अभियंता पीके सिंह ने बताया कि अंडरग्राउंड सिस्टम में भी कटियाबाजों ने बिजली चोरी का रास्ता खोज लिया है। ऐसे में नियमित निगरानी करके ही चोरी रोकी जा सकती है। निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी पैनल में कटिया मिलते बिजली चोरी पकड़ें, संबंधित लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
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