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2018 की सियासत और 2019 का महासमरः इन दिग्गजों को नहीं भायी साइकिल तो हुए भगवामय

Tue, 01 Jan 2019 11:27 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 01 Jan 2019 11:27 AM IST
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political memory of 2018
डेमो पिक
वर्ष 2018 राजनीति के लिहाज से हुई उठा पटक के लिए भी याद रखा जाएगा। यूपी में हरदोई जिले के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल भाजपा में शामिल हुए। डॉक्टर अशोक बाजपेई की तीन दशक पुरानी सांसद बनने की हसरत भाजपा ने राज्यसभा भेजकर पूरी कर दी। जनपद के छह विकास खंडों में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी उपचुनाव में जीतकर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज हुए। कांग्रेस में चल रही जिलाध्यक्ष पद की खींचतान को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया, तो सपा में भी जिला मुखिया को लेकर असमंजस है। बसपा ने जिलाध्यक्ष बदलकर अपना निर्णय स्पष्ट कर दिया। 

 
political memory of 2018
कार्यकर्ता बैठक में बोलते पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल इस वर्ष मार्च में समाजवादी पार्टी को अलविदा कहकर कुनबे के साथ भाजपा में शामिल हो गए। उनके पुत्र सदर विधायक नितिन अग्रवाल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर, बिलग्राम नगर पालिका के अध्यक्ष मोहम्मद हबीब, सांडी नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि दिनेश गुप्ता, सुरसा के ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह दिल्ली में भाजपाई हुए तो जिले भर के उनके समर्थक भी भाजपा की जयकार करने लगे।
political memory of 2018
भाजपा सांसद अशोक बाजपेई
लगभग चार दशक तक समाजवादी राजनीति करने वाले पूर्व मंत्री डॉक्टर अशोक बाजपेई यूं तो वर्ष 2017 में ही भाजपाई हो गए थे, लेकिन उनकी तीन दशक पुरानी सांसद बनने की हसरत भाजपा ने वर्ष 2018 में पूरी कर दी। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया और जिताकर राज्यसभा भेज दिया। 
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political memory of 2018
डेमो पिक
बात अगर चार अहम राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को लेकर हो, तो भी यह वर्ष याद रखा जाएगा। सत्ताधारी भाजपा ने जिलाध्यक्ष रहे श्रीकृष्ण शास्त्री को लेकर कार्यकर्ताओं में लगातार बढ़ रहे रोष को देखते हुए सौरभ मिश्रा को 1 नवंबर की रात भाजपा का नया जिलाध्यक्ष बना दिया। पद से हटाए गए श्रीकृष्ण शास्त्री का फिलहाल समायोजन नहीं हो पाया है।
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डेमो पिक
नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने सपा की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी। अभी तक जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं हो पाई। कांग्रेस में भी जिलाध्यक्ष को लेकर उठा-पटक है। डॉक्टर राजीव सिंह लोध जिलाध्यक्ष होने का दावा करते हैं, तो आशीष कुमार सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष होने की बात मजबूती से कहते हैं। बसपा ने रुख साफ कर मेडू निवासी कैडर के कार्यकर्ता मेवाराम वर्मा को जिलाध्यक्ष बना दिया। 
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