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'मौत की मधुशाला', थाने से 300 मीटर की दूरी पर होता रहा कारोबार, जानिए क्या बोले जिम्मेदार?

Mon, 21 May 2018 07:27 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 21 May 2018 07:27 AM IST
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poisonous liquor case kanpur dehat
पुलिस से ग्रामीणों की नोकझोक - फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहातः जिले में नकली शराब करोबारियों की जड़े काफी गहराई तक पहुंच चुकी हैं। इसके पहले भी ऐसी शराब बड़ी मात्रा में बरामद हो चुकी है। रनियां, जैनपुर आदि औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी है। इसके साथ ही कई लग्जरी गाड़ियों में भी अवैध शराब ले जाते हुए पकड़ा गया है। इसके बाद भी प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। 

 
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अस्पताल में भर्ती पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
बीते विधान सभा चुनाव भी काशीपुर, रूरा क्षेत्र में नकली शराब पकड़े जाने का मामला आया था। जिसमें पूर्व सपा विधायक राम स्वरुप सिंह गौर के पौत्र विनय कुमार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। कई महीने जेल में रहने के बाद वह इन दिनों जमानत पर था। इसके बाद भी पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर नहीं रख पाई। थाने से मात्र तीन सौ मीटर दूर मुख्य मार्ग पर स्थित पूर्व विधायक के आवास व गोशाला है। गोशाला में नकली शराब बनाने का कारोबार चल रहा था।

 
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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
सचेंडी क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद एक ठेके सेल्समैन ने शराब की आपूर्ति विनय सिंह की ओर से किए जाने का खुलासा किया तो कानपुर नगर व देहात के कई थानों के फोर्स ने पूर्व विधायक के गोशाला पर छापेमारी की। वहां पुलिस को बड़ी मात्रा में अवैध शराब, खाली शीशी, ढक्कन, शराब बनाने का केमिकल मिला।


जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इन मौतों के बाद प्रशासन को छापेमारी व ठेकों की जांच कराने की याद आ गई। मड़ौली, मघईपुरवा, भंवरपुर में हुई मौतों के बाद उनके परिजन बिलख कर कहते रहे, आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है।


अधिकारी ग्रामीणों के इस सवाल का जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व शराब पीने से गंभीर लोगों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद का भरोसा देकर उनके आंसू पोंछने की कोशिश की। वहीं जिम्मेदारों पर कार्रवाई का मामला जांच में उलझ गया।  
 
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ग्रामीणों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
रूरा पुलिस की भूमिका की जांच सीओ सिकंदरा को सौंपी गई है। जमानत पर बाहर आए पूर्व विधायक के पौत्र की गतिविधियों पर नजर रखने, कस्बे में अवैध शराब का भंडारण व बनाने आदि कई बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आते ही जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-रतनकांत पांडेय, पुलिस अधीक्षक
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