पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का शव रात लगभग दो बजे हाथीपुर गांव में पहुंचा। घर पर परिजन और गांव के सैकड़ों लोग उसके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे। शुभम के शव के पहुंचते ही चीत्कार मच गई। हर किसी की आंखें नम थी। वहीं, शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने इस दौरान बड़ा बयान दिया। मृतक शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि "आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि उनकी सात पुश्तें किसी को मारने की हिम्मत न कर सकें।
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शुभम के पिता संजय
- फोटो : X @ANI
शुभम के पिता बोले- ऐसी कार्रवाई हो कि आतंकी सात पुश्तों तक भूल जाएं किसी को मारना
बिलखते पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि दो टके के आतंकवादी भारत सरकार को चुनौती देकर चले गए। मेरी बहू से कहा कि मोदी को बता देना, इसलिए तुम्हें नहीं मार रहा हूं। सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि आतंकी सात पुश्तों तक किसी को मारना भूल जाएं।
शुभम के पिता संजय ने सरकार से बदला लेने की गुहार लगाई है। शुभम के पिता संजय ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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इसी साल 12 फरवरी को शुभम और ऐशन्या की शादी हुई, यह फोटो तभी की है।
- फोटो : परिजन
कानपुर में मीडिया के सामने कही ये बात
कानपुर पहुंचने के बाद शुभम की पत्नी एशान्या भी मीडिया के सामने आईं। पहली बार मीडिया के सामने उन्होंने रुंधे गले से बताया कि हम लोग बैठे थे। इसी दौरान कुछ लोग बंदूक लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने शुभम से पूछा- हिंदू हो या मुसलमान... हम पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, इसके बाद उन्होंने दोबारा पूछा। जब शुभम ने कहा कि मैं हिंदू हूं तो उन्होंने गोली मार दी। उन्होंने पहली गोली शुभम को ही मारी थी।
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शुभम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
'मुस्लिम हो...' न में सिर हिलाया तो शुभम को मार दी गोली
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कानपुर के श्यामनगर के ड्रीमलैंड अपार्टमेंट निवासी शुभम द्विवेदी की मौत हो गई। अपनी पत्नी के साथ एक रेस्टोरेंट के बाहर बैठकर कुछ खा रहे शुभम से आतंकियों ने पहले धर्म पूछा, कहा हिंदू हो या मुस्लिम यदि मुस्लिम हो तो कलमा पढ़ो, जैसे ही शुभम ने नहीं में सिर हिलाया, आतंकियों ने तुंरत शुभम के सिर में गोली मार दी। पास बैठी पत्नी ऐशान्या चिल्ला उठीं मुझे भी गोली मार दो। इसके बाद वह बेहोश हो गईं।
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pahalgam attack
- फोटो : अमर उजाला
शुभम और यशोदा नगर की रहने वाली ऐशान्या की शादी दो महीने पहले 12 फरवरी को हुई थी। शादी के बाद पहली बार दोनों अपने परिवार के साथ घूमने गए थे। जिसमें शुभम के डॉ. संजय द्विवेदी, मां सीमा द्विवेदी, बहन आरती और उनके दो बच्चे और ऐशान्या के माता-पिता सभी एक साथ घूमने गए थे। शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने बताया कि वह लोग सुबह पहलगाम पहुंचे ओर नीचे ही रुक गए। जबकि शुभम अपनी पत्नी के साथ पहाड़ी के ऊपर बने हिल स्टेशन जहां घुड़सवारी होती है, वहां चले गए।