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कानपुर नकली सीमेंट: प्राथमिकी में प्रभावशाली का प्रभाव, नहीं किया जिक्र- किसकी है जमीन, गुप्ता बंधुओं की तलाश

Tue, 27 Oct 2026 10:20 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 27 Oct 2026 10:20 AM IST
सार

Kanpur News: इस्पातनगर में पकड़ी गई नकली सीमेंट फैक्टरी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और दर्ज प्राथमिकी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर में इस बात का जिक्र नहीं है कि यह जमीन किसकी है। सूत्रों के मुताबिक, यह जमीन शहर के एक प्रभावशाली सफेदपोश नेता के परिवार से जुड़ी है।

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Kanpur fake cement case Influence of powerful individual evident yet no mention made of who owns the land
इस्पात नगर स्थित नकली सीमेंट फैक्टरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के इस्पातनगर में तैयार की जा रही नकली सीमेंट का खेल उसकी जमीन से भी जुड़ा हुआ है। आमतौर पर जब कभी पुलिस अवैध कारखाना पकड़ती है, तो उसकी प्राथमिकी में उस जमीन या मकान के मालिक के नाम का जिक्र जरूर होता है। हालांकि, नकली सीमेंट फैक्टरी के मामले में ऐसा नहीं हुआ। बताया जाता है कि अडाणी ग्रुप की इंटेलिजेंस टीम की जांच में पता चल गया था कि यह जमीन शहर के एक प्रभावशाली व्यक्ति के परिवार से संबंधित है।

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इसका खुलासा तब भी हुआ था, जब ग्रुप की टीम के साथ पुलिस की टीम ने इस्पातनगर पहुंचकर नकली सीमेंट पकड़ी थी। तब से लेकर आज 12 दिन बीतने के बाद भी न तो नकली सीमेंट बनाने वाले ही पकड़ सकी और न जमीन के मालिक का पता कर सकी। बीते तीन वर्षों से इसी जमीन पर नकली सीमेंट का अवैध कारोबार किया जा रहा था।

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1000 से ज्यादा नकली सीमेंट की बोरियां मिली थीं
हैरत की बात तो यह है कि दर्ज एफआईआर में फैक्टरी का पता एफ-181 तो दर्ज है, लेकिन वह जमीन किसकी है। इसका जिक्र नहीं है। 14 अक्तूबर को अडाणी ग्रुप की शिकायत पर पुलिस की विशेष टीम ने इस्पातनगर स्थित नकली फैक्टरी बनाने की फर्म में दबिश दी थी। पुलिस को नकली सीमेंट बनाने वाली मशीनें और 1000 से ज्यादा एसीसी व अंबुजा की नकली सीमेंट की बोरियां मिली थीं। मौके से फैक्टरी के मुंशी राहुल को पकड़ा था।

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जमीन एक प्रभावशाली सफेदपोश के परिवार से संबंधित
संचालक गुप्ता बंधु नीरज-धीरज व उनके साझेदार मेरठ निवासी निशांत व सुनीत मित्तल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह जमीन एक प्रभावशाली सफेदपोश के परिवार से संबंधित है। वहीं, नकली सीमेंट को खपाने में भी सफेदपोश के ही बेहद करीबी का नाम ही जुड़ रहा है। पनकी इंस्पेक्टर दिनेश बिष्ट का कहना है कि प्राथमिकी ग्रुप की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक लिखी गई है। जमीन का असली मालिक कौन है, इसकी जांच की जा रही है।

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गुप्ता बंधुओं की तलाश के लिए टीम बहराइच रवाना
पुलिस के मुताबिक फैक्टरी संचालक नीरज और धीरज गुप्ता की हालिया लोकेशन बहराइच में मिली है। एक टीम सोमवार को ही वहां के लिए रवाना की गई है। मंगलवार तक दोनों भाइयों के पकड़े जाने की सुगभुगाहट पुलिस विभाग में है। वहीं, चर्चा है कि दोनों भाई गिरफ्तारी न हो इसके लिए भी कोर्ट से स्टे लेने की फिराक में हैं।

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