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कुदरत की मार झेल रहे इन तमाम पीड़ितों की कहानी उड़ा दी आपकी 'रातों की नींद'

Wed, 08 Aug 2018 05:34 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 08 Aug 2018 05:34 PM IST
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natural calamity Destroyed happiness in kanpur
बेटियों के दहेज के साथ पानी में डूब गईं खुशियां
कानपुर के मर्दनपुर गांव की रहने वाली संजमा की शादी अगले महीने तय है। पिता नहीं हैं। मजदूर भाई रंचो ने दो-दो रुपये जोड़कर उसके दहेज के लिए सामान इकट्ठा किया था। सारी तैयारी पूरी हो गई, लेकिन बारिश से आई जलभराव की आपदा ने सब किए धरे पर पानी फेर दिया है। सारा सामान खराब हो गया। थोड़े-बहुत जेवर भी पानी में पता नहीं कहां गर्क हो गए। 25-30 हजार रुपये नकदी भी इसी पानी की भेंट चढ़ी है।


आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- अभी भी पानी भरा हुआ है...
 
natural calamity Destroyed happiness in kanpur
भारी बारिश के बाद जम्मू की सड़कों पर भरा पानी - फोटो : संजय गुप्ता
कानपुर के मर्दनपुर में अभी पानी भरा हुआ है। संजमा का पूरा परिवार अभी मेहरबान सिंह के पुरवा स्थित मिलन केंद्र के राहत शिविर में रह रहा है। अपने दुधमुंहे बच्चे पर पंखा झल रही संजमा की भाभी मंजू संजमा की शादी को याद कर रो पड़ी। उसका कहना है कि अब दिमाग ही काम नहीं कर रहा शादी के लिए सामान कैसे इकट्ठा कर पाएंगे। दो महीने पहले सारा सामान खरीद लिया था। उसने बताया कि दहेज के सामान में पलंग, बर्तन, कपड़े, जेवर आदि सामान रहा है।

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- सारा सामान खराब हो गया...
 
natural calamity Destroyed happiness in kanpur
कानपुर में भारी बारिश के कारण आम जनजीवन अस्तव्यस्त - फोटो : अमर उजाला
बारिश के बाद जलभराव के कारण यह आफत सिर्फ मंजू के घर पर नहीं आई है। राहत शिविरों का हाल देखने निकली अमर उजाला टीम को गुजैनी गांव के ठाकुर विशंभर सिंह इंटर कालेज में बने राहत शिविर में एक परिवार और मिला। रमाकांती दिवाकर के पति अब इस दुनिया में नहीं है। वह कपड़ों पर इस्त्री करके घर का खर्च चलाती उनकी दो बेटियां रश्मि अर्थशास्त्री में एमए है और छोटी बेटी संध्या बीएससी दूसरे साल में हैं। रमाकांत ने बताया कि वे बेटियों की शादी के लिए सामान जोड़ रही थीं। घर में भरे पानी में सारा सामान खराब हो गया है।

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- कस्टमर के कपड़े भी पानी में डूबे....
 
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
रमाकांती का कहना है कि बेटियों की शादी अभी तय नहीं हुई है। धीरे-धीरे करके बेटियों के लिए सामान जोड़ रहे थे। अब समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे व्यवस्था करेंगे? इसके साथ ही इस्त्री के लिए  घर में रखे कस्टमर के कपड़े भी पानी में डूबे हैं। यहीं प्राइमरी स्कूल के राहत शिविर में रह रहीं रोमा सिंह और रमेश सिंह का घर भी पानी से भर गया है। रोमा बताती हैं कि बेटी सन्नो (30) और कंचन (25) की अभी शादी नहीं हुई है। बेटियों की शादी करनी है। सारा सामान खराब हो गया है। पानी निकले तो पता चले कि घर में क्या-क्या बचा है? 
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