उन्नाव जिले के बिहार थानाक्षेत्र में नौ साल की बच्ची को हैवानियत का शिकार बनाने के बाद हत्या की घटना में शव के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों व ग्रामीणों के आक्रोश से प्रशासन के पसीना-पसीना रहा।
उन्नाव: दरिंदगी की शिकार बच्ची के शव का 19 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
बच्ची गंभीर हालत में सुनसान स्थान पर मिली थी। गंभीर हालत में उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
रात में एडीजी लखनऊ एसनए सावत और आईजी जोन एसके भगत भी पहुंचे और परिजनों को समझाया। सुबह डीएम रवींद्र कुमार, एसपी विक्रांतवीर सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने शव का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी शुरू की।
परिजनों द्वारा चिह्नित गांव के बाहर पैतृक जमीन में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गड्ढा भी खोदवा दिया गया। लेकिन मृतका के घरवाले अपनी मांग पर अड़े रहे। डीएम और एसपी ने मृतका के भाई, पिता व मां से कई चक्र में बातचीत की लेकिन मसला हल नहीं हुआ।
इसके बाद दोपहर को डीएम सहित अन्य अधिकारी पूर्व विधायक कृपाशंकर सिंह के आवास पहुंचे और सपा एमएलसी सुनील साजन, सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों से बात की।
सपा एमएलसी ने पार्टी की तरफ से परिवार को दो लाख रुपये आर्थिक मदद देने की बात कही। इस दौरान अधिकारियों ने मृतका के परिजनों को कानूनी पहलू और अपनी अधिकार की सीमाएं भी बताईं।