नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के उपद्रव में कई ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वहीं, श्रम कानूनों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी के नोटिस जारी किए गए हैं।
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सेक्टर 57 कंपनी के बाहर पड़े टूटे गमले और पुलिस बल
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अन्य ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बताया गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी की वृद्धि की गई है।
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सेक्टर 57 में पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती का मामला सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान पर ठेकेदारों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
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नोएडा में प्रदर्शन करते श्रमिक
- फोटो : एएनआई
नोएडा बवाल की साजिश में शहर के चार युवकों पर शक की सुई
नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है।
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नोएडा में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने फूंकी पुलिस की गाड़ी
- फोटो : पीटीआई
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। शहर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। शुक्रवार को नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से कुछ लोगों को इसी सिलसिले में उठाया गया है।