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बेनामी संपत्ति अधिनियम में फंसी पूर्व एडिशनल कमिश्नर की गर्दन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 15 Apr 2018 09:44 AM IST
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केशव लाल
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कानपुरः वाणिज्यकर के पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल और उनकी पत्नी इंदु श्रीवास्तव अपनी अकूत संपत्तियों की खरीद का स्रोत नहीं बता पाए। इससे दोनों लोगों का बेनामी संपत्ति अधिनियम में फंसना तय माना जा रहा है। कालेधन के खिलाफ लाए गए इस अधिनियम में कम से कम सात साल कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा प्रॉपर्टी की फेयर मार्केट वैल्यू का 25 फीसदी तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग ने केशव लाल पर छापे के ठीक एक साल बाद इस केस को अपने मुकाम तक पहुंचा दिया है। 18 अप्रैल 2017 को आयकर निदेशालय (जांच) की टीमों ने केशव लाल के कानपुर और नोएडा स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। यहां से केशव लाल और उनकी पत्नी के पास 12 मकान, फ्लैट और प्लाट के अलावा 12 किलो सोना और 11 करोड़ नकदी मिली थी। उसी समय माना जा रहा था कि एक लाख 41 हजार रुपये वेतन वाले अधिकारी के लिए यह साबित करना पाना कठिन होगा कि उनके पास इतनी संपत्ति आई कहां से। आखिरकार ऐसा ही हुआ।
पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
- फोटो : अमर उजाला
बेशकीमती संपत्तियों का मामला सामने आने के बाद जांच निदेशालय ने पूरे प्रकरण को बेनामी संपत्ति अनुभाग को सुपुर्द किया था। करीब छह माह चली जांच के बाद बेनामी संपत्ति अनुभाग ने केशव लाल, उनकी पत्नी और उनके बच्चों को कई बार समन जारी कर बुलाया, लेकिन सिर्फ केशव लाल ही दो बार आए। पत्नी और बच्चों के इससे खुद को दूर रखा। आखिरकार बीते सप्ताह कानपुर स्थित बेनामी संपत्ति अनुभाग ने इस प्रकरण की जांच पूरी करके मामला मुख्यालय के हवाले कर दिया है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस मामले में न सिर्फ केशव लाल की संपत्तियां जब्त होंगी बल्कि उन्हें सात साल कैद की सजा भी हो सकती है।
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डेमाे पिक
पहला मामला होगा
केशव लाल यदि बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत जेल जाते हैं या तो कानपुर में तैनात किसी अफसर या व्यक्ति को इस मामले में यह पहली सजा होगी। आयकर विभाग भी अधिनियम को सख्ती से लागू होने का संदेश देना चाहता है।
केशव लाल यदि बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत जेल जाते हैं या तो कानपुर में तैनात किसी अफसर या व्यक्ति को इस मामले में यह पहली सजा होगी। आयकर विभाग भी अधिनियम को सख्ती से लागू होने का संदेश देना चाहता है।