कानपुर के होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया की सरेआम सिर पर भारी वस्तु से हमला कर हत्या करने भनक जैसे ही परिजन, रिश्तेदारों, दोस्तों और व्यापारियों को लगी तो वे उर्सला अस्पताल पहुंच गए। कारोबारी का खून से लथपथ शव देख परिजन और दोस्तों में चीखपुकार मच गई।
एक दूसरे के कंधे पर फूट-फूटकर बिलखते दोस्तों का कहना था कि विजय केवल कारोबार से मतलब रखता था। उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। हंसमुख, मददगार और व्यवहारकुशल था। हत्या करने वाले यह जानते थे कि अगर शिवाला में कांड किया तो बचकर नहीं जा पाएंगे। उसे धोखे से सवाई सिंह हाते वाली गली में ले गए और एक मकान में हत्या कर दी।
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विजय कुमार चौरसिया की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आक्रोशित दोस्तों और परिजनों का साफ कहना था कि जिस बेरहमी से उसके जिगरी दोस्त का कत्ल किया गया हत्यारोपी को भी उसे तरह सजा दी जाए। वहीं, उर्सला में मौजूद मां मीरा, पत्नी नेहा और घर की महिलाएं बिलखते हुए एक दूसरे को ढांढ़स बंधाती रहीं।
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Feelkhana Hosiery Trader Murder Case
- फोटो : amar ujala
बच्चों को क्या जवाब देंगे...
सीलिंग हाउस में सेकंड क्लास में पढ़ने वाला बेटा आदी और केजी में सेंटमेरी स्कूल में पढ़ने वाली बेटी अनवी को विजय बहुत प्यार करता था। वह बच्चों को हर खुशी देना चाहता था। बिलखते सगे बड़े भाइयों अजीत और अजय का कहना था कि अब वे बच्चों को क्या जवाब देंगे। इस वारदात ने एक खुशहाल परिवार को बर्बाद कर दिया।
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- फोटो : amar ujala
जहां बैठका बनाए था विशाल, वहां की दुकानदार महिलाओं को पुलिस ने उठाया
होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया को जो स्कूटी सवार विशाल दुकान से बैठाकर ले गया वह आपराधिक प्रवृत्ति का बताया जा रहा है। वह चौक के पास एक महिला दुकानदार की दुकान के पास दिनभर युवकों के साथ खड़ा रहता था।
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- फोटो : amar ujala
इस पर दोस्तों और परिजनों के कहने पर पुलिस की टीमों ने महिला दुकानदार और एक अन्य महिला को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर उर्सला पहुंची। वहां आक्रोशित परिजनों ने देखते ही उन लोगों का विरोध कर आरोप लगाए कि यही महिलाएं विशाल को दुकान पर दिनभर बैठाती थीं। आक्रोश देख पुलिस उन्हें भीड़ के बीच से तुरंत कोतवाली के लिए रवाना हो गई।