कानपुर के बिकरू कांड के बाद संजीत अपहरण कांड में पुलिस की नाकामी और अपहरणकर्ताओं को तीस लाख फिरौती की रकम पुलिस द्वारा दिलवाने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच बैठा दी है। एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड फिरौती मामले के जांच अधिकारी हैं। शनिवार को जब एडीजी जांच कर जाने लगे तो संजीत की मां ने उनकी कार का रास्ता रोक कर कहा, पहले मेरे बेटे का शव तो दिलवाओ। इस मामले में बहन ने सीबीआई जांच की मांग की है।
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Kanpur Kidnapping: तीस लाख फिरौती की जांच करने पहुंचे एडीजी, मां बोली- पहले बेटे का शव दिलवाओ, सीबीआई जांच की मांग
Sat, 25 Jul 2020 02:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 25 Jul 2020 02:17 PM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
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- फोटो : amar ujala
एडीजी ने संजीत की मां पिता और बहन से फिरौती की रकम जुटाने के बारे में पूछताछ की। उन्होंने संजीत के पिता से शुरुआत से लेकर आखिरी तक का घटनाक्रम पूछा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली। मृतक संजीत की मां कुसुम ने एडीजी को बताया कि गुमशुदगी लिखवाने के लिए कई बार थाने के चक्कर काटे। दो दिन बाद भी जब कोई जानकारी नहीं हुई तो एसएसपी से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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मां ने बताया कि एसपी साउथ के पास कई बार मदद मांगने के लिए गईं। कई घंटे तक ऑफिस के बाहर खड़े रहना पड़ता था। पूर्व बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय व जनता नगर चौकी प्रभारी राजेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों लोगों ने कोई मदद नहीं की। इनकी वजह से मेरा बच्चा आज मेरे साथ नहीं है। उसका चेहरा भी आखिरी बार देखने को नहीं मिला है। पिता चमन सिंह ने सभी आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलवाने की मांग की है।
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- फोटो : amar ujala
चमन सिंह ने जांच अधिकारी एडीजी को बताया कि रकम देने से दो घंटे पहले एसपी साउथ के दफ्तर गए थे। वहां एसपी अपर्णा ने कहा था कि संजीत को सकुशल बरामद करना मेरी जिम्मेदारी है। मेरी टीम लगी है, आप लोग चिंता मत करिये। इसके बाद एडीजी ने फिरौती रकम के बारे रुपयों की व्यवस्था कहां से की इस बारे पूछा तो चमन ने कहा कि शादी का रुपया, दो लाख कर्ज, एक लाख के जेवर गिरवी रखे हैं। एडीजी ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजनी है। उन्होंने दो दिन में फिरौती की रकम का पूरा ब्योरा मांगा है।
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संजीत अपहरण कांड में पकड़े गए आरोपियों ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि वे 13 जुलाई की रात फिरौती की रकम लेने गुजैनी फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे थे। रेलवे ट्रैक पर फेंका गया बैग साथी रामजी लेने पहुंचा था, लेकिन पास खड़ी पुलिस पर नजर पड़ने की वजह से वह बैग नहीं उठा पाया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर बैग कौन ले गया?