घाटमपुर में साढ़ के भीतरगांव मार्ग पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले कोरथा गांव के 26 मृतकों के परिजनों ने मंगलवार को रिंद नदी के किनारे बाबा घाट पर एक साथ सिर मुंडवाए। सिर मुड़वाए सैकड़ों बच्चों, युवकों व वृद्धों को देखकर लोग गमगीन हो उठे। कोरथा गांव से तकरीबन आधा किलोमीटर दूर रिंद नदी के किनारे बाबा घाट पर सुबह से ही परिजन पहुंचने लगे थे।
सभी के परिवार के एक सदस्य के लोटा लेने की क्रिया होते ही परिजन सिर मुंडवाते गए। हादसे में जान गंवाने वाली फूलमती के पति सियाराम ने लोटा लेने की क्रिया की है। इसी तरह मायावती के पति रामबाबू, मिथिलेश कुमारी के पति रामसजीवन, लीलावती के पति रामदुलारे, जयदेवी के पति शिवराम, रानी के पति रामशंकर तथा विनीता के पति कल्लू ने लोटा लिया।
2 of 5
मृतक के परिजन को चेक सौंपते मंत्री राकेश सचान
- फोटो : अमर उजाला
25 मृतक आश्रितों को दिया गया दो-दो लाख का चेक
कोरथा गांव के मृतकों के परिजनों को मंगलवार को कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक सरोज कुरील व अभिजीत सिंह सांगा ने चेक सौंपे। एसडीएम नरवल गुलाबचंद्र अग्रहरि ने बताया कि 25 मृतक आश्रितों को दो-दो लाख का चेक दिया गया। मृतक रिया की मां ज्ञानवती के हैलट में भर्ती होने के चलते उनका चेक नहीं दिया जा सका।
3 of 5
घाटमपुर में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीतरगांव हादसे में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख एवं घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देेने का आदेश किया था। विधायक सरोज कुरील ने बताया कि हादसे में सभी नौ घायलों को इलाज के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी मुख्यमंत्री द्वारा की गई है। घायल नौ में सात लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया है।
4 of 5
घाटमपुर में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
घायल ज्ञानवती और उसके बेटे अभि के हैलट में भर्ती होने की वजह से दोनों को चेक नहीं दिया जा सका। विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने बताया कि मृतक 26 लोगों में 20 परिवार प्रभावित हुए हैं। सभी 20 परिवारों को एक-एक बीघा भूमि का पट्टा आवंटित किया गया है। जल्द ही तहसील कर्मचारी मौके पर आकर भूमि नापजोख कर पट्टा सौंपेंगे।
5 of 5
घाटमपुर में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
सात घायल स्वस्थ होकर लौटे
कोरथा गांव के घायल नौ लोगों को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद सात लोग स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। उनकी देखरेख के लिए सीएचसी अधीक्षक की अगुवाई में गांव में शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। चिकित्साधीक्षक डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि मंगलवार को गांव में शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया गया। गांव में अन्य बीमार मरीजों को भी दवा वितरित की गई।