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कन्नौज हादसा: बारिश के बीच भी बचाव कार्य... मलबे में 16 घंटे तक खोजीं जिंदगियां, जवान बोले- मेहनत सफल हो गई

Mon, 13 Jan 2025 11:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 13 Jan 2025 11:00 AM IST
सार

कन्नौज में रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिरने के बाद मलबा हटाने में 16 घंटे लग गए। रविवार सुबह 6:25 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। 150 फीट लंबा लिंटर ढहने से 26 मजदूर घायल हुए थे।

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Kannauj accident Lives searched for 16 hours in rubble, no casualties
Kannauj accident - फोटो : अमर उजाला
शटरिंग टूटने से गिरे निर्माणाधीन कन्नौज रेलवे स्टेशन के लिंटर के मलबे में 16 घंटे तक जिंदगियों को खोजने की जद्दोजहद की गई। शनिवार दोपहर 2: 20 बजे हुए हादसे के बाद रविवार सुबह 6:30 बजे तक बचाव कार्य किया गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।


26 घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है। फर्रुखाबाद के जीआरपी थाने में निर्माण कंपनी के मालिक और इंजीनियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बन रहे कन्नौज रेलवे स्टेशन का 150 फीट लंबा लिंटर शनिवार दोपहर ढह गया था। 
Kannauj accident Lives searched for 16 hours in rubble, no casualties
Kannauj accident - फोटो : amar ujala
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने चलाया अभियान
बताया गया था कि करीब 45 मजदूर काम कर रहे थे। शाम सात बजे तक 26 मजदूरों को मलबे से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आशंका थी कि कुछ और मजदूर मलबे में दबे हैं। शाम 6:30 बजे से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया। पूरी रात बचाव कर्मी काम में जुटे रहे। रविवार सुबह मलबे को पूरी तरह से हटाया गया। 
Kannauj accident Lives searched for 16 hours in rubble, no casualties
kannauj accident - फोटो : amar ujala
दोनों बचाव दल के जवानों ने 12 घंटे तक लगातार कार्य किया। मलबे में और कोई मजदूर दबा नहीं मिला। उनकी कोशिश थी कि किसी भी हालत में कोई जान नहीं जानी चाहिए। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए उन्होंने डॉग का भी सहारा लिया। उसकी पुष्टि के बाद भी जवान सावधानी से काम करते रहे। इस बीच कई बार अवरोध उत्पन्न हुआ, लेकिन इससे वह हार नहीं माने। 
 
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Kannauj accident Lives searched for 16 hours in rubble, no casualties
kannauj accident - फोटो : amar ujala
कुछ देर के लिए जवानों ने बचाव कार्य रोका
दो बार तो सरिया धंसने से जेसीबी का टायर पंचर हो गया। इसके बाद भी वह निराश नहीं हुए। सुबह चार बजे जब बूंदाबांदी शुरू हुई तो कुछ देर के लिए जवानों ने बचाव कार्य रोका, लेकिन किसी की जान बचाने के जज्बे ने उन्हें बारिश में बचाव कार्य करने के लिए उत्साहित किए रहा। सभी जवान बारिश के बीच भी बचाव कार्य करते रहे। 
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Kannauj accident Lives searched for 16 hours in rubble, no casualties
kannauj accident - फोटो : amar ujala
सुबह करीब साढ़े बजे जब यह मालूम हुआ कि मलबे में कोई नहीं दबा है, तो सभी ने राहत महसूस की। रात भर लगातार काम करने के बावजूद शरीर में आई थकान दूर हो गई। सभी बहुत खुश हुए। यही बोले कि शुक्र है कि किसी की जान नहीं गई। मेहनत सफल हो गई। वहीं, रेलवे के मंडल संरक्षा आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल के आईजी ने स्टेशन पहुंचकर जांच की है। रेलवे ने घायलों को दिया नकद मुआवजा दिया गया। 
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