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सीबीएसई और यूजीसी के बाद अब एआईसीटीई ने जंक फू़ड पर बैन लगाया बैन

Sat, 23 Sep 2017 06:28 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 23 Sep 2017 06:28 PM IST
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Junk food will be closed in colleges
डेमो पिक
सीबीएसई और यूजीसी के बाद ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ने जंक फू़ड पर बैन लगाने की ठानी है। अब कॉलेजों के बाहर ब‌िकने वाले ‌प‌िज्जा, बर्गर, स‌िगरेट और गुटखा पर हंटर चल रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के बाद अब ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने भी इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज परिसर में जंक फूड पर रोक लगा दी है। 

 

Junk food will be closed in colleges
डेमो पिक
अब देश भर के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों की कैंटीन में समोसा, पिज्जा, बर्गर, नूडल्स जैसे जंक फूड नहीं बेचे जा सकेंगे। सोमवार को एचबीटीयू सहित शहर के अन्य इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में एआईसीटीई का पत्र पहुंच गया है।

कॉलेजों को भेजे गए पत्र में जंक फूड को हानिकारक बताते हुए कॉलेज प्रशासन से इस व्यवस्था का पालन कराने को कहा है। कॉलेज के आसपास की भी दुकानों में जंक फूड बेचने का विरोध करने को कहा गया है।

 
Junk food will be closed in colleges
डेमो पिक
एआईसीटीई के सर्कुलर में गुटखा, पान-मसाला, सिगरेट आदि की भी कॉलेज के आसपास बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और छात्रों को जागरूक करने को भी कहा गया है। वहीं एआईसीटीई के इस फैसले पर स्टूडेंटों का कहना है कि जब हॉस्टल के मेस में अच्छा खाना नहीं मिलता है तभी हम लोग जंक फूड का सहारा लेते हैं।



 
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अगर एआईसीटीई मेस का खाने की टाइमिंग और उसकी गुणवत्ता में सुधार करवा दे तो जंक फूड छोड़ने को तैयार हैं। छात्रों ने भी बुलंद की आवाज जंक फूड का यूज हम टेस्ट के लिए करते हैं। अगर हमारे मेस का खाना भी अच्छा हो जाए तो हमें बाहर का खाना खाने की जरूरत नहीं होगी।
- रिषभ अग्रवाल, बीटेक स्टूडेंट एचबीटीयू

जंक फूड का रोज-रोज सेवन करने से हेल्थ पर गलत असर पड़ता है। कई बीमारियों का यह घर है लेकिन यह बच्चे क्यों ज्यादा खाते हैं, इस पर भी एआईसीटीई को फोकस करना चाहिए।
- सत्यम केसरी, बीटेक स्टूडेंट, एचबीटीयू

 
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आईसीटीई का यह फैसला बिल्कुल सही है। जंक फूड के अधिक सेवन से स्टूडेंटों की हेल्थ खराब हो रही है। रूटीन भी इतना टफ रहता है कि उसके एवज में फिटनेस के लिए कुछ करने का समय ही नहीं रहता।
- आदर्श वाजपेयी, एमबीए स्टूडेंट, स्टेप एचबीटीआई

मेस की टाइमिंग और खाने की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। अगर यह सही हो जाए तो स्टूडेंट बाहर खाने के बजाय अपने मेस के खाने को ही तवज्जो दें।
- मोहित झा, बीटेक स्टूडेंट, एचबीटीयू

 जंक फूड बंद करने के संबंध में एआईसीटीई का पत्र प्राप्त हुआ है। इसका पालन करवाया जाएगा। छात्रों की मेस के खाने की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी। वह खुद भी बाहर इस तरह के खाने पर निर्भर न रहें।
- प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू व प्रभारी कुलपति एचबीटीयू
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