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यूपी: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग, जिंदा जले मासूम भाई-बहन, घर लौटे माता पिता को मिली लाशें
Sun, 19 Apr 2020 09:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 Apr 2020 09:02 PM IST
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झोपड़ी में आग से जिंदा जले मासूम भाई बहन
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। कानपुर के घाटमपुर कोतवाली के गोपालपुर गांव में रविवार सुबह चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग लगने से चपेट में आए मासूम भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि दो और जुड़वां बहनें गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों को हैलट में भर्ती कराया गया है।
झोपड़ी में लगी आग के बाद एकत्र गांव के लोग
- फोटो : amar ujala
गांव निवासी मजदूर संतराम संखवार के परिवार में पत्नी राधा और पांच बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा कृष्णा (8) घाटमपुर स्थित ननिहाल में रहता है। रविवार सुबह संतराम अपनी पत्नी राधा के साथ मजदूरी खेत में फसल काटने गया था।
घटना के बाद लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
घर में जुड़वां बेटियां सीता और गीता (5), बेटा गोपाल (3) और छोटी बेटी रीता (डेढ़ वर्ष) थी। ग्रामीणों के मुताबिक सुबह करीब 9:30 बजे संतराम के घर से आग की लपटें उठती दिखीं। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और आग पर काबू पाया।
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मौके पर मौजूद दमकल की गाड़ी
- फोटो : amar ujala
हादसे में झुलसे चारों बच्चों को पूरी तरह से जल चुकी झोपड़ी से बाहर निकाला गया। इसमें गोपाल की मौत हो चुकी थी। बाकी तीनों बच्चों को सीएचसी लाया गया। डॉक्टरों ने तीनों को हैलट रेफर कर दिया। हैलट पहुंचने से पहले ही रीता ने भी दम तोड़ दिया।
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घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : amar ujala
सीता और गीता का इलाज चल रहा है। सीओ घाटमपुर रवि कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों की मां राधा ने सुबह चूल्हे पर खाना बनाया था। चूल्हे की आग पूरी तरह नहीं बुझाई और खेतों पर काम करने चली गई। इसके बाद चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई।