कानपुर के नवाबगंज में सोमवार सुबह एनएलके स्कूल से महज डेढ़ सौ मीटर पहले हुआ हादसा जिसने भी देखा दंग रह गया। कार की टक्कर से ई-रिक्शे पर बैठे सभी बच्चे सड़क पर गिर गए थे। राहगीरों ने पहले पलटे ई-रिक्शे को सीधा किया फिर बच्चों को बाहर निकाला।
टक्कर से लगे झटके से सड़क पर गिरी छठी कक्षा की कल्पना का सिर सीधे सड़क पर जा टकराया। सिर से खून निकलता देख लोग उसे अस्पताल लेकर भागे लेकिन वह बच नहीं सकी। कल्पना डॉक्टर बनना चाहती थी। पिता विनोद कुमार ने इसी साल कल्पना को ई-रिक्शे से भेजना शुरू किया था।
दिल के ज्यादा करीब होने की वजह से उन्होंने मकड़ीखेड़ा में जब मिठाई की दुकान खोली तो उसका नाम भी कल्पना के नाम पर रखा। विनोद ने बताया कि कल्पना बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती थी। उसे लगता था कि जब वह डॉक्टर बनेगी, तो घरवालों के साथ-साथ बाकी लोगों का भी ख्याल रख सकेगी।
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कानपुर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने नहीं लगने दी भाई को भनक
हालांकि अपने ख्वाब को पूरा करने से पहले ही वह लापरवाही भरी ड्राइविंग की भेंट चढ़ गई। वहीं, स्कूल से घर लौटे आठ साल के भाई अंशुमान अपनी बहन को खोजता रहा। घरवालों ने उसको घटना की भनक तक नहीं लगने दी, ताकि वो परेशान न हो जाए।
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कार सीख रहे नाबालिग ने मारी थी टक्कर
नवाबगंज थाना क्षेत्र के विष्णुपुरी इलाके में सोमवार सुबह 7:10 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। कार चलाना सीख रहे एक नाबालिग छात्र ने सोमवार सुबह बच्चों को लेकर एनएलके स्कूल जा रहे ई-रिक्शा को डॉलफिन चौराहे पर टक्कर मार दी।
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पुलिस ने जब्त की कार, रिपोर्ट दर्ज
सड़क हादसे के बाद पुलिस ने कार को जब्त कर चालक भैरव झा और एक किशोर को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार कार सीख रहे 11वीं के छात्र ने ब्रेक के बजाय एक्सलरेटर दबा दिया था। इस वजह से कार स्कूली ई-रिक्शा से टकरा गई।
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इलाज के दौरान तोड़ा था दम
टक्कर लगने से ई-रिक्शा पलट गया और चार बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। बुरी तरह से जख्मी कक्षा छह की छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, घायल बच्चों को निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।