'दबोचा गया चोरों का सरदार', कबूलीं 40 से ज्यादा चोरियां, चोरी का माल देख 'हक्का-बक्का रह गए सभी'
एसपी साउथ रवीना त्यागी ने नौबस्ता थाने में प्रेसवार्ता करके बताया कि 9 मई की रात अरवेंद्र ने पुराने विवाद में सबक सिखाने के लिए अपने तीन साथियों संग मिलकर राजीव नगर में वीरेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। उसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। पुलिस टीम को मुख्य आरोपी अरवेंद्र के पत्नी और साथियों संग सैनिक चौराहे पर होने की जानकारी मिली।
इसके बाद नौबस्ता इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने टीम के साथ घेराबंदी करके आतरी, ग्वालियर निवासी अरवेंद्र, उसकी पत्नी पूजा उर्फ प्रीति, गोहद, भिंड (मध्यप्रदेश) निवासी उसके साथी मनोज और ज्वैलर्स नौबस्ता के सैनिक चौराहे के संजय वर्मा (बालाजी ज्वैलर्स) व चकेरी चिश्तीनगर के आकाश वर्मा (आकाश ज्वैलर्स) को धर दबोचा। पूछताछ की गई तो अरवेंद्र ने मनोज के साथ ग्वालियर के रामू और राजू के साथ घटना को अंजाम देने की बात कबूली। रामू और राजू की तलाश जारी है।
अरवेंद्र खुद को नेटवर्क कंपनी का कर्मचारी बताकर कमरा किराए पर लेता था। रात में वह अच्छे कपड़े और लैपटॉप वाला बैग टांगकर निकलता था, ताकि किसी को शक न हो। बैग में चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार रहते थे। वह शहर में घूम-घूमकर बंद घरों को निशाना बनाता था। इतना ही नहीं, रात में पुलिस के रोकने-टोकने पर अपने पहनावे और बोलचाल से उन्हें भी भ्रमित कर देता था।