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एमआई-17 क्रैश: कानपुर के लाल दीपक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, नम हुईं आंखें
Fri, 01 Mar 2019 10:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Mar 2019 10:51 AM IST
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जम्मू कश्मीर के बड़गाम में भारतीय वायु सेना के विमान एमआई-17 क्रैश में शहीद हुए कानपुर के लाल कारपोरल दीपक पांडेय के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को हुजूम उमड़ पड़ा। दीपक पांडेय अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा दीपक तेरा नाम रहेगा के नारे गूंज रहे थे। हर कोई दीपक की एक झलक पाने के लिए बेताब दिख रहा था।
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कारपोरल दीपक पांडेय का पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर 3 बजे कानपुर स्थित उनके आवास पहुंचने की संभावना थी पर वो शाम को 6 बजे पहुंचा। दीपक को देखने के लिए सुबह से ही उनके घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। रात में भी दीपक के अंतिम दर्शन के लिए लोग आते रहे।
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जम्मू कश्मीर के बड़गाम में बुधवार को भारतीय वायु सेना का विमान एमआई-17 क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में कानपुर निवासी कारपोरल दीपक पांडेय की जान चली गई थी। यह खबर मिलते ही कानपुर में मातम का माहौल छा गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले दीपक पांडेय के परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है।
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कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने दीपक पांडेय के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया था। आपको बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले कारपोरल दीपक पांडेय कानपुर के चकेरी के मंगला विहार में रहते थे। उनके पिता राम प्रकाश पांडेय ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे श्रीनगर एयरबेस से फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि प्लेन क्रैश में उनके बेटे दीपक पांडेय की जान चली गई है।
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इस खबर को सुनते ही कोहराम मच गया था। परिजनों ने बताया कि दीपक पांच साल पहले ही वायु सेना में शामिल हुए थे। उनकी तैनाती श्रीनगर एयरबेस में थी। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, कैबिनेट मंत्री ने घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी थी।