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इस किसान के खेती करने के तरीके ने 'डीएम को मुरीद बना लिया'

Mon, 21 May 2018 07:29 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 21 May 2018 07:29 AM IST
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Due to farming in progressive method DM applauded farmer
जल संरक्षण व जैविक खेती के सफल प्रयास - फोटो : अमर उजाला
भीषण गर्मी में निरंतर बढ़ती पानी की समस्या के बीच एक प्रगतिशील किसान ने सार्थक पहल की है। खेत में वर्मी कंपोस्ट और अन्य खाद से बेहतर उत्पादन करने की विधि भी बताई है। यूपी के चित्रकूट में जिलाधिकारी किसान के खेत व खाद एकत्रीकरण स्थल पहुंचे तो नई तकनीक के साथ देशी तरीके से खेती देख खुश हुए। उन्होंने कहा कि पानी की कमी वाले इस क्षेत्र में जल संरक्षण व देशी खाद तैयार करने का यह सही उदाहरण हैं।



 
 
Due to farming in progressive method DM applauded farmer
जल संरक्षण व जैविक खेती के सफल प्रयास - फोटो : अमर उजाला
सतही जल, तालाब, नदी में पानी सूख जाने के कारण खेती और पेयजल के लिए ग्राउंड वाटर (भू जल) का बड़े पैमाने पर हो रहे दोहन से गिरते जल स्तर के लिए खुटहा निवासी प्रगति शील किसान शिव कुमार शुक्ला द्वारा बनाये गए ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम को जिला अधिकारी विशाख जी अय्यर व सीडीओ डा. महेंद्र कुमार मीना ने खेत में जाकर देखा। प्रगतिशील किसान ने बताया कि इसके प्रयोग से वर्षों से सूखे पड़े कुओ के माध्यम से खेत का बरसाती पानी एक नाली के माध्यम से चेंबर में ले जाकर चेम्बर से जमीन के अंदर 6 इंच की मोटी पाइप कुएं में डाली गई है । बरसाती पानी इन सूखे कुआें से जमीन के अंदर जाता है और वाटर रिचार्ज का एक सफ ल माध्यम बनता है।  


 
Due to farming in progressive method DM applauded farmer
जल संरक्षण व जैविक खेती के सफल प्रयास - फोटो : अमर उजाला
जनपद में कई हजार कुएं सूखे और अनुपयोगी स्थिति में है इनके लिए यह प्रयोग खेत तालाब योजना या अन्य वाटर रिचार्ज की योजनाओं से ज्यादा उपयोगी साबित होगा। ऐसे  में बेहद आसानी से रिचार्ज पाइंट बनाकर जनपद के गिरते भू-जलस्तर को रोकने में कामयाबी मिल सकती है। इसकी लागत भी लगभग 10 हजार रुपये आती है जो उपयोगिता को देखते हुए काफी कम है ।

 
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जल संरक्षण व जैविक खेती के सफल प्रयास - फोटो : अमर उजाला
डीएम ने की सराहना
चित्रकूट। इसके बाद डीएम व सीडीओ ने वर्मी कम्पोस्ट ( केचुआ खाद) यूनिट एवं जैविक खेती बागवानी भी देखा। प्रगतिशील किसान के प्रयासों की सराहना कर डीएम ने कहा कि इससे अन्य किसानों को भी सीख लेनी चाहिए। जल संरक्षण व जैविक खेती के प्रयास अच्छे हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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