हम भी लूटें, तुम भी लूटो... इनकी लूट कोई न जाने, जिनके सिर पर खाकी... कुछ ऐसे ही शब्दों को अपने सुसाइड नोट पर लिखने के बाद फर्रुखाबाद के दिलीप ने खुदकुशी कर ली। इन शब्दों से साफ होता है कि दिलीप के मन में पुलिस और ससुरालियों को लेकर किस हद तक आक्रोश था।
हथियापुर चौकी में पिटाई और उत्पीड़न से आहत दिलीप के खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने शव से मिली पैंट पर लिखा हुआ सुसाइड नोट बरामद किया है। पैंट के दोनों साइडों पर पेन से लिखे गए सुसाइड नोट पर दिलीप ने सभी आरोपियों के नाम भी लिखे। हालांकि, पुलिस को 40 हजार रुपये देने का जिक्र नहीं है।
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दिलीप का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिलीप ने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी नीरज पर भी पुलिस वालों से पिटवाने का आरोप लगाया है। दिलीप ने सुसाइड नोट की शुरुआत अपने नाम और पूरे पते के साथ की है। इसमें लिखा कि आलूपुर के रजनेश राजपूत, राजू, बनवारी लाल और चौकी हथियापुर के सिपाही जयवंश यादव और महेश ने बहुत पीटा। मेरी बीबी ने मुझको पुलिस वालों से पिटवाया।
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दिलीप की पैंट पर लिखा सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपनी पहचान के रूप में इसी सुसाइड नोट के अंत में बताया कि मैं दिलीप राजपूत, मेरी मम्मी की दी हुई निशानी की बाली पहने हूं...। सुसाइड नोट से साफ है दिलीप ससुरालियों के सामने पुलिस के हाथों अपनी पिटाई व उत्पीड़न सहन नहीं कर सका, जिसके चलते उसने खुदकुशी कर ली। पिता के अनुसार दिलीप ने पहले पैंट उतार कर उसपर सुसाइड नोट लिखा फिर उसे पहनकर खुदकुशी कर ली।
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रसीदपुर में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बयान दर्ज कराते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फंदा लगने से दम घुटने से मौत की पुष्टि
पुलिस की मौजूदगी में मंगलवार को दिलीप के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें दिलीप की मौत फंदा लगने के कारण दम घुटने से पुष्टि हुई है।
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जानकारी देते दिलीप के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुंह से झाग, जहर खाने की भी आशंका
शव के बेड पर पड़ा होने के दौरान मुंह से सफेद झाग निकलता दिखाई दिया। ऐसे में उसके फंदा लगाने से पहले जहर खाने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस को कमरे से ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ।