यूपी के फतेहपुर जिले में एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने अाया है। यहां मां की अांखाें के सामने पहले ताे बड़े भाई ने छाेटे के साथ मिलकर मझले भाई काे माैत के घाट उतार दिया। जब इतने से भी उनका दल नहीं भरा ताे सारे सुराग मिटाने के लिए कुछ एेसा किया।
इनायतपुर गांव में राजाराम कोरी का परिवार रहता है। राजाराम की तीन साल पहले कैंसर से मौत हो गई थी। परिवार में पत्नी सूरजमुखी, तीन अविवाहित बेटे दारा, भोला उर्फ चमेली(27) व लवकुश थे। मां के नाम पट्टे की कुछ जमीन है। जिससे पूरे परिवार का भरणपाेषण हाेता है। सारे भाई मजदूरी करते हैं। ग्रामीणों की मानें तो तीनों शराब पीते थे लेकिन भोला को इसकी ज्यादा लत थी।
वह अक्सर काम पर भी नहीं जाता था। रविवार को इनके पड़ोसी अरविंद के बेटे लालू का तिलक समारोह था। रात आठ बजे से डीजे बज रहा था। पड़ोसी अरविंद के मुताबिक वह लोग अपने आयोजन में व्यस्त थे। ग्रामीणों की मानें तो भोला को शाम सात बजे आखिरी बार देखा गया था। बड़े भाई ने मां के सामने मंझले भाई को पीटा, ईंट से कुचलकर उसकी हत्या की।
इसके बाद बोरे में भरकर घसीटते हुए आधा किलोमीटर दूर खेत में ले गए। वहां कंडे के बीच शव रखकर जला दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राख में से अधजला शव बरामद किया। सोमवार को दोपहर बाद एसपी व सीओ सिटी पहुंचे। हत्या के पीछे नशे के लिए रुपये मांगना, मां से गालीगलौच को वजह बताया जा रहा है। पुलिस ने चाचा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं। सूचना पर मलवां थानेदार अनूप सिंह फोर्स समेत गांव व घटनास्थल पर पहुंचे। घर के ही एक हिस्से में खून बिखरा हुअा था। डीजे की तेज धुने के चलते किसी ने चीख पुकार की अावाज भी नहीं सुनी। गांव वालाें ने बताया देर रात डीजे बंद हाेने के बाद एक बोरे में शव को रखकर खींचते हुए दारा को आगे व पीछे-पीछे लवकुश व उसकी मां को जाते देखा गया।