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सीएम को ज्ञापन देने की मांग पर कांग्रेस नेता नजरबंद, बोले- ये शासन-प्रशासन की तानाशाही

Thu, 07 Jun 2018 07:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 07 Jun 2018 07:13 PM IST
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Congress leader detained on demand for memorandum to CM
नजरबंद किए गए अंकित परिहार - फोटो : अमर उजाला
उन्नावः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को प्रशासन ने उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। सुबह सात बजे ही एक इंस्पेक्टर, एक दरोगा और चार सिपाहियों के साथ उनके घर पहुंचे। उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। मुख्यमंत्री के जिले से लौटने तक पुलिस उनके घर के दरवाजे पर मुस्तैद खड़ी रही। कांग्रेस नेता ने इसे शासन-प्रशासन की तानाशाही बताया।




 
Congress leader detained on demand for memorandum to CM
नजरबंद किए गए अंकित परिहार - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को शहर के निराला प्रेक्षागृह में ग्राम स्वराज अभियान के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ सम्मेलन, पार्टी के लोगों के साथ बैठक और रऊकरना में ग्राम चौपाल में भाग लेने आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गेहूं खरीद सहित किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह परिहार ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी।

 
Congress leader detained on demand for memorandum to CM
नजरबंद किए गए अंकित परिहार - फोटो : अमर उजाला
बुधवार शाम को इसकी जानकारी होते ही प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की योजना बना ली। गुरुवार सुबह होते ही बारासगवर थानाध्यक्ष उत्तम सिंह राठौर, एक दरोगा और कई पुलिस जवानों के साथ शहर के मोहल्ला जगन्नाथगंज स्थित उनके घर पहुंच गए। युवा कांग्रेस नेता घर से निकलने के लिए तैयार हो ही रहे थे कि तभी पहुंचे पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी। उन्होंने कारण पूछा तो बताया कि वह मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने नहीं जा सकते हैं। प्रशासन के इस कदम को कांग्रेस नेता ने तानाशाही करार दिया।

 
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Congress leader detained on demand for memorandum to CM
नजरबंद किए गए अंकित परिहार - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि वह मुख्यमंत्री को किसानों की हालत और उनकी समस्याएं बताना चाहते थे लेकिन प्रशासन नहीं चाहता कि जमीनी सच्चाई मुख्यमंत्री तक पहुंचे या मुख्यमंत्री खुद भी सच्चाई जानना नहीं चाहते। बताया कि वह युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ ही वह एक जिम्मेदार नागरिक भी है। वह कोई विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी करने नहीं जा रहे थे। उन्होंने प्रशासन से ज्ञापन देने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा अजीब विडंबना है कि एक तरफ अन्नदाता आत्महत्या कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ग्राम स्वराज के दावे कर रही है।
 
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