रेप कांड एवं उन्नाव जिला अस्पताल में बंदी की माैत के बाद सीएमएस काे निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से वहां इस कदर दहशत फैल गई है कि काेई भी वहां चार्ज लेने के लिए तैयार नहीं है। इस मामले की जांच अब सीबीअाई के पास है।
उन्नाव में बीजेपी विधायक के रेप कांड में ईएमओ व सीएमएस के निलंबन के बाद मंगलवार को सीएमओ ने लखनऊ में सीएमएस पद का अतिरिक्त चार्ज ले लिया। सीएमएस पद का अतिरिक्त चार्ज संभालने के लिए सीएमओ को अपर निदेशक स्वास्थ्य ने मंगलवार को लखनऊ बुलाया था। उधर, इसी मामले में ईएमओ को निलंबित करने के साथ ही उसे इमरजेंसी वार्ड से भी हटा दिया गया है।
जिला अस्पताल में किशोरी के पिता का मेडिकल परीक्षण करने के साथ ही उसके इलाज में लापरवाही बरती गई थी। शासन ने लापरवाही बरतने पर ईएमओ डा. प्रशांत व सीएमएस डा. डीके द्विवेदी को निलंबित करने के साथ ही तीन अन्य डाक्टरों के खिलाफ जांच बैठा दी है। सीएमएस को निलंबित करने के बाद सोमवार शाम शासन ने सीएमओ डा. एसपी चौधरी को सीएमएस पद का अतिरिक्त चार्ज संभालने के निर्देश दिए थे।
शासन के निर्देश पर मंगलवार को सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने लखनऊ में अपर निदेशक स्वास्थ्य के समक्ष सीएमएस पद का चार्ज संभाल लिया। जिले में सीबीआई जल्द ही लापरवाह डाक्टरों से भी पूछताछ कर सकती है। डाक्टर व विधायक के बीच कनेक्शन तलाश रही सीबीआई ने कुछ डाक्टरों को निशाने पर ले रखा है। सूत्रों की माने तो वह जल्द ही कुछ डाक्टरों से पूछताछ कर सकती है। इससे पूर्व सीबीआई ने डाक्टरों के फोन नंबर का रिकार्ड भी अपने पास जब्त कर रखा है। सीबीआई की कार्रवाई से डाक्टरों में हड़कंप मचा हुआ है।