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प्लास्टिक की बोतल में पी रहे हैं पानी तो पढ़ लें ये खबर, बरतें ये एहतियात

Mon, 02 Apr 2018 08:44 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 02 Apr 2018 08:44 AM IST
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Carcinogenic chemicals emit from a plastic bottle
डॉ. नंदनी रस्तोगी, सचिव डॉ. भास्कर गांगुली - फोटो : अमर उजाला
प्लास्टिक की बोतल में बार-बार पानी भरने से कैंसरकारक रसायन निकलते हैं। बच्चों की प्लास्टिक की दूध की बोतल और निप्पल को बार - बार गर्म करने से भी इसी तरह का खतरा रहता है। बच्चों को कटोरी - चम्मच से दूध पिलाना चाहिए। प्रदूषण की वजह से डायबिटीज हो सकती है। ये जानकारियां कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन ने रविवार को दीं। जानें कितना खतरनाक है प्लास्टिक की बोतल का उपयोग...

 
Carcinogenic chemicals emit from a plastic bottle
डेमाे पिक
एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. नंदनी रस्तोगी, सचिव डॉ. भास्कर गांगुली और पूर्व अध्यक्ष डॉ. बृजमोहन ने सर्वोदय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों को शोध का हवाला देकर बताया कि रासायनिक पदार्थ भी मोटापा, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कई तरह के कैंसर से संबंधित है। वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से भी कुछ हद तक डायबिटीज सहित अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।
Carcinogenic chemicals emit from a plastic bottle
डेमाे पिक
अमेरिका, स्पेन, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, कनाडा, जापान, कोरिया में हुए शोधों का हवाला देकर बताया कि रासायनिक पदार्थ की रक्त में मात्रा का सीधा संबंध डायबिटीज से है। अपने देश में हुए एक शोध में शरीर में डीडीटी की मात्रा बहुत अधिक पाई गई। जिन पदार्थों में डायबिटीज कारक अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, उनमें दूध, चाय, पानी की पैकिंग में प्रयुक्त होने वाला प्लास्टिक मुख्य है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले रसायन, धातु के कैन, समुद्री भोजन, मीट आदि हानिकारक रासायनिक तत्वों के मुख्य स्रोत हैं। इससे बचाव के लिए आर्गनिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर जोर दिया।

 
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Carcinogenic chemicals emit from a plastic bottle
डेमाे पिक
बरतें ये एहतियात-
-सब्जियों, फलों को न्यूनतम तीन मिनट तक बहते हुए पानी में धोएं या 5 मिनट तक नमक वाले पानी या सिरके में डालें
-जिन सब्जियों, फलों में संभव हो, छिलका निकाल दें
-छोटी सब्जियों, फलों में रसायन का स्तर बड़े फलों की तुलना में कम होता है
-प्लास्टिक की जगह कांच या स्टील के गिलास, बोतल का उपयोग करें
-दांतों के गैप भरने के लिए रसायन के बजाय सोना या मेटल लगवाएं 
-डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से परहेज करें
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