उत्तर प्रदेश सरकार ने मरका नाव हादसे का ठीकरा सेतु निर्माण निगम पर फोड़ दिया है। विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि समय रहते काम पूरा कर लिया जाता तो 13 लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती। आगामी मार्च 2023 तक पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
Banda Boat Accident: मंत्री राकेश सचान का बड़ा बयान, बोले-सेतु निगम हादसे का जिम्मेदार, जानें और क्या बोला
सूक्ष्म लधु, मध्यम उद्यम खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरधा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान और राज्यमंत्री राजस्व विभाग अनूप प्रधान ने कलेक्ट्रेट के सभागार में कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मरका घाट के पुल का कार्य पूर्ण कर लिया गया होता तो घटना नहीं हुई होती। दोनों मंत्रियों ने सेतु निर्माण निगम को ब्रिज का काम हर हाल में मार्च 2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
अधिशाषी अभियंता पर दिए कार्रवाई के निर्देश
लोक निर्माण निगम के सभी अधिशाषी अभियंताओं को निर्देशित किया कि जिले में जितनी भी सड़कों में गड्ढें हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त किया जाए। बैठक में एनएचआई अधिशाषी अभियंता अनुपस्थित रहे, जिन पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अर्थ दंड लगाने के निर्देश
बैठक में जल-जीवन मिशन के कार्यों को 20 सितंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएम अनुराग पटेल से कहा कि एक कमेटी बनाकर जल-जीवन मिशन के कार्यों की मॉनिटरिंग करें और कार्यदायी संस्था एलएनटी खटान पाइप पेयजल योजना, जिसको 20 दिन शेष रह गए हैं। उसका कार्य अभी 60 प्रतिशत से भी कम है। 30 सितंबर तक इनके द्वारा कार्य पूर्ण नही होने पर अर्थ दंड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के आदेश
नरैनी विधायिका ओम मणि वर्मा ने जनपद में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था बहुत ही खराब होने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे लाइट दी जा रही है। इस मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए रोस्टर के मुताबिक सप्लाई देने की बात कही। एक्सियन विद्युत प्रभुनाथ प्रसाद डीएम के बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर जाने पर स्पष्टीकरण के साथ अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।