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ज्योतिषों से उम्मीदवारों ने पूछे ऐसे सवाल, जानकर हर कोई हैरान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:37 AM IST
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ज्यादा से ज्यादा वोट पाने की जुगत में प्रत्याशी अपनी कुंडली लेकर ज्योतिषियों के चक्कर काट रहे हैं। नामांकन की तरह चुनाव लड़ने की रणनीति कैसी हो, इस पर भी ज्योतिषियों से राय मशविरा हो रहा है। ज्योतिषाचार्य गौरव महाराज का कहना है कि 26 जनवरी से शनि की चाल बदली है। इससे कई राशियों के जातक प्रभावित हो रहे हैं।
मीन का चंद्रमा रहेगा
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बुधवार को वसंत पंचमी है। लुंबक योग उत्तरा भाद्र पद नक्षत्र और मीन का चंद्रमा रहेगा। लिहाजा सभी राशियों के प्रत्याशियों के लिए बुधवार का दिन नामांकन की दृष्टिकोण से बेहतर साबित होगा। इसके अलावा 6 फरवरी सोमवार को रोहिणी नक्षत्र व अमृत योग रहेगा। इस दिन भी प्रत्याशी अपना नामांकन करा सकते हैं। 30 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है और भाजपा, सपा बसपा व कांग्रेस सभी दलों के प्रत्याशी भी घोषित हो चुके हैं। मंगलवार को नामांकन का दूसरा दिन बीतने के बाद भी किसी खास प्रत्याशी ने अपना नामांकन पर्चा नहीं भरा है।
कुछ ऐसे हैं ज्योतिषों से उम्मीदवारों के सवाल
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- किस देवी देवता का स्मरण किया जाए?
- किस दिन और तारीख का नामांकन शुभ रहेगा ?
- पार्टी कार्यालय किस दिशा में खोला जाए ?
- किस रंग के कपड़े पहने जाए?
- कौन से रत्न की अंगूठी और माला धारण की जाए ?
- कुंडली में राजयोग है कि नहीं?
- किस दिन और तारीख का नामांकन शुभ रहेगा ?
- पार्टी कार्यालय किस दिशा में खोला जाए ?
- किस रंग के कपड़े पहने जाए?
- कौन से रत्न की अंगूठी और माला धारण की जाए ?
- कुंडली में राजयोग है कि नहीं?
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सिद्धपीठ और गुरुओं के यहां टेक रहे माथा
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प्रत्याशी अपनी जीत के लिए परिवार समेत सिद्वपीठों रक्तदंतिका, अक्षरा, पीतांबरा, जालौनी माता और ठडेश्वरी मंदिर आदि पर जाकर भी नतमस्तक हो रहे हैं। इसके अलावा परिवार के गुरुओं के दरवाजे भी खटाखटा रहे हैं। बस किसी तरह एक मर्तबा ्िवजय श्री की माला उनके गले पड़ जाए।
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पत्नी, बच्चे भी मान रहे मन्नतें
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प्रत्याशियों की तरह उनकी पत्नियां और बच्चे भी जीत के लिए फिक्रमंद नजर आ रहे हैं। लिहाजा उम्मीदवारों के रिश्तेदारों ने भी मंदिरों में जा-जाकर मन्नतें मानना शुरू कर दिया है। कोई प्रसाद की मन्नत माने है तो कोई कलश चढ़ाने अथवा मंदिर में घंटा टंगवाने की अर्जी लगाकर अपनों की जीत की कामना कर रहा है।