फतेहपुर के किशनपुर और मढ़ौली घाट पर बांदा हादसे के लापता लोगों के उतराते शव मिलने के बाद क्रेडिट लेने की होड़ लग गई। बांदा और फतेहपुर जिला प्रशासन कुछ देर के लिए आमने-सामने आ गए हैं। मामला बढ़ा तो उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से सुविधानुसार शवों के पोस्टमार्टम व अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराने पर बात बनी। जनपद के मर्का यमुना घाट पर 11 अगस्त को उस समय बड़ा नाव हादसा हो गया था जब नाव में सवार होकर करीब दर्जनों लोग फतेहपुर के विभिन्न गांव में रक्षाबंधन त्योहार मनाने जा रहे थे। नाव जैसे ही यमुना नदी की बीच धारा में पहुंची, उसकी पतवार टूट गई और नाव लहरों के बीच में यमुना की जल धारा में समा गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के दौरान नाव पर करीब 50 लोग सवार थे जिसमें 15 लोग तैरकर निकल गये थे। तीन और लोगों के शव बरामद हुए हैं। अब तक 12 शव मिल चुके हैं।
शव पर शाबाशी की होड़: 41 घंटे बाद यमुना में उतराते मिले शव, फतेहपुर-बांदा प्रशासन थपथपाने लगे अपनी-अपनी पीठ
जानकार बताते हैं कि शनिवार की सुबह किशनपुर और मढ़ौली घाट पर लापता लोगों के सात उतराते हुए शव मिलने के बाद फतेहपुर और बांदा प्रशासन क्रेडिट लेने के चक्कर में आमने सामने आ गए हैं। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला निपटा। फतेहपुर प्रशासन आठ शव मिलने के बाद अपनी पीठ थपथपाने लगा है। वहीं बांदा प्रशासन ने सुबह 10:15 बजे अपनी उपलब्धियां बताने के लिए आनन फानन में प्रेसवार्ता बुला ली और आठ शव मिलने की जानकारी दी। बताया कि बीते तीन दिनों से वह लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है। लापता लोग जल्द ही खोज लिए जाएंगे।
41 घंटे बाद यमुना में उतराते मिले आठ शव
नाव पलटने के 41 घंटे बाद शनिवार को आठ शव यमुना नदी में उतराते हुए मिले। इन्हें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों नहीं, बल्कि ग्रामीणों और नाविकों ने शनिवार की सुबह सात बजे देखा। सभी शव घटनास्थल से करीब 12 किलोमीटर दूर फतेहपुर जिले की सीमा में किशनपुर और मढ़ौली में उतराते मिले। अब तक 11 शव मिल चुके। इनमें एक मासूम और छह महिलाएं शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक चार अभी भी लापता हैं। इनमें दो पुरुष और दो महिलाएं हैं।
11 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे मरका कस्बे से फतेहपुर जिले के असोथर गांव जाते समय उफनाई यमुना नदी में नाव पलट गई थी। तैरकर निकले लोगों के मुताबिक नाव में करीब 50 लोग सवार थे। इनमें 15 लोग तैरकर बच निकले थे। एक वर्षीय किशन और दो महिलाएं राजरानी और फुलवा के शव उसी दिन मिल गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने 32 नाव सवार लापता बताए थे। इनकी खोजबीन में प्रयागराज और इटावा से आईं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की छह टीमें लगी हैं।
शनिवार की सुबह करीब सात बजे सबसे पहले फतेहपुर जिले के सरकंडी थाना क्षेत्र के मैकुआपुर गांव निवासी शिवकुमार उर्फ जयचंद्र का शव मिला। इसके कुछ देर बाद एक के बाद एक शव पानी में उतराते नजर आने लगे। सभी औंधे मुंह थे। ग्रामीणों और नाविकों की सूचना पर मोटरबोट से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंचीं। आठों शवों को कब्जे में लेकर पुलिस को सौंप दिया। इनमें छह की शिनाख्त हो गई। दो अभी अज्ञात हैं। सात शवों का पोस्टमार्टम पड़ोसी जिले फतेहपुर में हो रहा है। यहां मेडिकल कॉलेज में सिर्फ जयचंद्र के शव का पोस्टमार्टम हुआ।