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9वीं के छात्र ने की आत्महत्या, पिता बोले- बेटों के लिए जी रहा था, पत्नी के बाद अब आशुतोष भी चला गया

Tue, 04 Feb 2020 05:06 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 04 Feb 2020 05:06 PM IST
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9th Class  student committed suicide in kanpur
9वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ने वाले 9वीं के छात्र आशुतोष ने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे की मौत की जानकारी पाकर गोंडा से आए आशुतोष के पिता कामता प्रसाद शव देखते ही गश खाकर गिर पड़े।
9th Class  student committed suicide in kanpur
9वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
बेटे के शव को सीने से लगाकर उन्होंने कहा कि पत्नी की मौत के बाद दोनों बेटों के लिए ही वह जी रहा था। नौकरी दूर होने की वजह से उन्हें वक्त नहीं दे पाता था। इसलिए कानपुर में तबादला करवाने के लिए अफसरों से सिफारिश भी कर रहा था। उन्होंने भी स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर घटना के जांच की मांग की है।
9th Class  student committed suicide in kanpur
9वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
जूतों में छिपाकर रखा था आईपॉड
पुलिस ने आशुतोष की अलमारी खोली तो किताबें, स्टडी टेबल, कपड़े और दो जोड़ी जूते मिले। एक-एक सामान को बारीकी से खंगालते हुए पुलिस ने जूते बाहर निकाले तो उससे आईपॉड, इयरफोन और चार्जर नीचे गिरा। साथी छात्रों और वार्डेन ने बताया कि हॉस्टल के बच्चों को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं दी जाती है। आशुतोष गाने सुनने का शौकीन था, इसलिए आईपॉड छिपाकर रखा होगा।
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9th Class  student committed suicide in kanpur
9वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
पांच साल में हो गई थी मां की मौत, दादी-बाबा ने पाला
परिजनों ने बताया कि  आशुतोष और अभिलाष दो भाई थे। दस साल पहले अभिलाष के जन्म के साथ ही मां का निधन हो गया था। तब आशुतोष पांच साल का था। पिता कामता प्रसाद गोंडा जिले के एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं।
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9th Class  student committed suicide in kanpur
9वीं के छात्र की आत्महत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
इतनी दूर पोस्टिंग की वजह से वह बच्चों को समय नहीं दे पाते थे। बचपन में ही मां का साया छिनने के बाद दादी-बाबा ने दोनों भाइयों को पाला। परिवार के दबाव के बाद भी कामता प्रसाद ने बच्चों की वजह से दूसरी शादी नहीं की। आशुतोष मां का काफी दुलारा था। इसलिए मां को याद कर अक्सर बेचैन हो उठता था। स्कूल के दोस्तों ने बताया कि मां को याद कर वह अक्सर रोता भी था।
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