बुधवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में रैगिंग को लेकर हुआ बवाल दूसरे दिन भी जारी रहा। जूनियर छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को ही बंद कर दिया और धरना देकर बैठ गए। कैंपस में शिक्षकों की गाड़ियों को भी नहीं घुसने दिया। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में खूब हंगामा किया। करीब छह घंटे धरना देने के बाद बीयू प्रशासन ने लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल के पांच छात्रों को कैंपस और हॉस्टल से दो महीने के लिए निष्कासित कर दिया। इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया।
Bundelkhand University: व्हाट्सएप चैट से साजिश का खुलासा, कई दिन पहले हो चुकी थी जूनियर्स को पीटने की प्लानिंग
गुरुवार को सुबह नौ बजे से ही बीयू के मुख्य द्वार पर बुधवार को मारपीट में घायल हुए छात्र अपने साथियों के साथ इकट्ठा होने लगे। सुबह 10 बजे छात्रों ने मेन गेट बंद करा दिया। कई छात्र गेट पर चढ़ भी गए और आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर बीयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माने।
दूसरी तरफ, लार्ड बुद्धा हॉस्टल के छात्र भी कैंपस में घूम-घूमकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई हुई है। इससे हॉस्टल के छात्र भयभीत हैं। उन्हें डर है कि इस तरह की कार्रवाई होने से निजी छात्रावास में रहने वाले छात्रों के हौसले बुलंद हो जाएंगे। दोनों गुटों की ओर से जमकर नारेबाजी होने से बीयू का माहौल दिनभर गर्माया रहा।
इसके बाद कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया। एक-एक कर दोनों गुटों ने अपनी-अपनी बात रखी। बाद में बीयू प्रशासन ने लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले चार छात्र तनुज गंगवार, दुर्गेश चौरसिया, विशाल राजपूत, श्रेष्ठ द्विवेदी, हर्ष पांडेय को विश्वविद्यालय कैंपस और छात्रावास से दो महीने के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वितीय वर्ष के नितेश सिंह व उज्जवल सिंह, कंप्यूटर साइंस द्वितीय र्व्ष के अंकित सिंह के खिलाफ जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। वहीं, बाहरी छात्र पंकज भारद्वाज, अंकित श्रीवास्तव, विजय राणा का अगले आदेशों तक बीयू कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
ये था मामला
कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्रों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले छात्र उन्हें परिचय देने के लिए छात्रावास में बुला रहे थे। मगर जूनियर छात्रों ने सीनियर के पास जाने से इनकार कर दिया। बुधवार को ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम में जूनियर छात्रों के बैठे होने की जानकारी पर लार्ड बुद्धा हॉस्टल के विद्यार्थी बाहर इकट्ठा हो गए थे। इसकी सूचना जब जूनियर्स ने अपने साथियों को दी तो वो मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे चले। इसके बाद पहले कैंपस के अंदर और फिर बाहर सड़क पर दोनों गुटों ने पथराव किया। इससे अंकित, जीशाम समेत चार छात्रों का सिर फटा। 15 से ज्यादा घायल हुए। हिंदी विभाग की टीचिंग असिस्टेंट से लेकर कई राहगीर चोटिल हो गए। कई वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए। देर शाम जूनियर छात्र बीयू के मेन गेट पर धरने पर बैठ गए। अंकित की तहरीर पर चार छात्रों समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद धरना समाप्त हुआ।
अराजकता पर दो दिन तक मौन रहे जिम्मेदार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को हुए बवाल से दो दिन पहले ही विवाद की चिंगारी सुलग उठी थी। जूनियर्स को परिचय देने के लिए हॉस्टल बुलाने पर सीनियर्स अड़े हुए थे। बार-बार मना करने के बाद 19 दिसंबर को जूनियर्स छात्रों के वीडियो बनाए गए और फोटो खींची गई। कहा कि अब सभी की पीटेंगे। जिम्मेदार सूचना मिलने के बाद भी मामले को हल्के में लेते रहे और फिर 21 दिसंबर को बवाल हो गया।
कुलपति को दिए प्रार्थनापत्र में कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र संस्कार वर्मा ने आरोप लगाया कि कई दिनों से उसे लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल में रैगिंग के लिए बुलाया जा रहा था। जब वो नहीं गया तो 18 दिसंबर को फोन कर सीनियर्स ने गालियां दीं। 19 नवंबर को लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने वीडियो बनाए और फोटो खींची। इसकी सूचना उन्होंने विभाग समन्वयक को दी तो वो बोले अभी अवकाश पर हैं। आने पर बात को सुलझाएंगे। इसके एक दिन बाद विश्वविद्यालय में इतना बड़ा बवाल हो गया।