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सामने आई वजह, CAA और NRC के विरोध में क्यों उतरे लोग? BJP को भी बड़ी नसीहत
Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
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सीएए के विरोध में देशभर में क्यों प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में देशभर में क्यों प्रदर्शन हो रहे हैं, इसका एक जवाब गोरखपुर में सामने आया है। दरअसल मुसलमानों को इस कानून की जानकारी नहीं है। जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पर्चे बांटे गए। इसपर नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का जिक्र था।
नमाज के बाद जामा मस्जिद से बाहर निकलते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल मुसलमानों को इस कानून की जानकारी नहीं है, लेकिन मुसलमान इस सरकार से इतना ज्यादा पीड़ित और परेशान है कि कोई भी कानून बनता है तो वह उसे अपने खिलाफ नजर आता है।
केंद्र में भाजपा की जो दूसरी बार सरकार बनी है उसने तीन तलाक, असम में एनआरसी आदि जो भी कानून पास किए भले ही उसकी कोई मंशा न हो पर मुसलमानों ने इन्हें अपने हित के खिलाफ माना। सरकार को चाहिए कि वह मुसलमानों की आशंकाओं का समाधान करे यह लोकतंत्र की मांग और जरूरत दोनों है। - डॉ. ओबैदुल्लाह चौधरी, चिकित्सक, समाजसेवी
केंद्र में भाजपा की जो दूसरी बार सरकार बनी है उसने तीन तलाक, असम में एनआरसी आदि जो भी कानून पास किए भले ही उसकी कोई मंशा न हो पर मुसलमानों ने इन्हें अपने हित के खिलाफ माना। सरकार को चाहिए कि वह मुसलमानों की आशंकाओं का समाधान करे यह लोकतंत्र की मांग और जरूरत दोनों है। - डॉ. ओबैदुल्लाह चौधरी, चिकित्सक, समाजसेवी
आमजन की सुरक्षा की जानकारी लेते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
सभी लोगों से अपील है कि अपनी बात कानून के दायरे में रहते हुए सरकार तक पहुंचाएं, तोड़फोड़ या नुकसान करने से बात बिगड़ती है बनती नहीं। नागरिकता संशोधन कानून से सिर्फ मुसलमानों को नुकसान होगा ऐसा सोचना समस्या को छोटा कर देखने जैसा है।
जिस देश में साठ फीसदी से अधिक जनता अब भी गरीबी रेखा के इर्दगिर्द जीवन यापन कर रही है। वहां दूसरे देशों से आने वाले लोगों को नागरिकता दे दी जाएगी तो वे देश के संसाधनों पर बोझ ही होंगे।
डॉ. एमके जैदी, शायर, साहित्यकार, पादरी बाजार
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मैं हिंसा का पूरी तरह विरोधी हूं चाहे वह जनता करे या प्रशासन। संविधान ने हमें अपनी बात कहने की आजादी दे रखी है। प्रशासन ने धारा 144 लागू कर मुसलमानों की अभिव्यक्ति की आजादी को छीनने का काम किया है।
- मुफ्ती अब्दुल जलील मजाहिरी, पेश इमाम जामा मस्जिद शाह माहरूफ
जिस देश में साठ फीसदी से अधिक जनता अब भी गरीबी रेखा के इर्दगिर्द जीवन यापन कर रही है। वहां दूसरे देशों से आने वाले लोगों को नागरिकता दे दी जाएगी तो वे देश के संसाधनों पर बोझ ही होंगे।
डॉ. एमके जैदी, शायर, साहित्यकार, पादरी बाजार
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मैं हिंसा का पूरी तरह विरोधी हूं चाहे वह जनता करे या प्रशासन। संविधान ने हमें अपनी बात कहने की आजादी दे रखी है। प्रशासन ने धारा 144 लागू कर मुसलमानों की अभिव्यक्ति की आजादी को छीनने का काम किया है।
- मुफ्ती अब्दुल जलील मजाहिरी, पेश इमाम जामा मस्जिद शाह माहरूफ
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police
- फोटो : अमर उजाला
सरकार से यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि वह कानून को लेकर जो संशय है उसे दूर करे और जनता के बीच फैल रही भ्रांतियां समाप्त करने के प्रयास करे ताकि अराजकता के दौर से गुजर रहे देश में अमन और शांति बरकरार हो सके। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जुमे की नमाज के बाद जिस जगह पर कल हिंसा हुई थी, आज वहां बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। नखास चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों को आज मोहल्लेवासियों ने गुलाब के फूल बांटे। कल जहां पथराव हो रहा था, आज गोरखपुर का वही इलाका गुलाब के फूलों की खुशबू से महक रहा था।
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police force
- फोटो : अमर उजाला
आज इलाके की अधिकतर दुकानें बंद रहीं। बीते दिन नखास चौक में बवाल करने वालों में बड़ी मस्जिद के पास जुलूस में शामिल होने के लिए जिले के अन्य हिस्से से लोग आए थे। एलआईयू सीओ ने इसकी पुष्टि की और बताया कि गोरखनाथ, कैंट समेत कई हिस्से से लोग आए थे लेकिन शहर से बाहर से कोई नहीं आया था। बीते दिन शाहमारूफ, नखास, अलीनगर, बख्शीपुर, घोष कंपनी, कोतवाली, रेती रोड और चौरइया गोला इलाके में भगदड़ मची थी, फिर धड़ाधड़ दुकानें बंद हो गई थीं, आज भी इन इलाकों में कम ही दुकानें खुली नजर आईं।