{"_id":"5dff15918ebc3e87ad58a5a6","slug":"voilence-in-uttarpradesh-against-caa-and-nrc-up-police-big-surprise-new-shocking-reveal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी में हिंसा: कश्मीरी पत्थरबाजों की तरह ही फेंके गए थे पत्थर, पुलिस को सताया ये बड़ा डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में हिंसा: कश्मीरी पत्थरबाजों की तरह ही फेंके गए थे पत्थर, पुलिस को सताया ये बड़ा डर
Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
विज्ञापन
सीएए के विरोध में देशभर में क्यों प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर समेत पूरे उत्तरप्रदेश में जिस तरह से चेहरे पर रुमाल बांधकर किशोरों-युवाओं ने शुक्रवार को पथराव किया, उसने कश्मीरी पत्थरबाजों की याद दिला दी। उसे लेकर पुलिस को एक बड़ा डर सताने लगा है।
fbhyut
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक इस मामले में पुलिस सरगर्मी से पड़ताल कर रही है। पुलिस की जांच में कमजोर ईंटों के इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। इसके पीछे का मकसद था कि आसानी से ईंटें टूट जाएं।
खुफिया एजेंसियों की जांच में एक बात की पुष्टि हो गई है कि कल की घटना में जिले के बाहर से कोई उपद्रवी नहीं आया था। जिले के अलग-अलग इलाके से वहां पर लोग जरूर आए थे, जिनमें से कइयों की पहचान भी हो चुकी है। पिपराइच, खोराबार, गोरखनाथ, राजघाट, कोतवाली, तिवारीपुर इलाके के ज्यादातर उपद्रवियों के शामिल होने की आशंका हैं।
खुफिया एजेंसियों की जांच में एक बात की पुष्टि हो गई है कि कल की घटना में जिले के बाहर से कोई उपद्रवी नहीं आया था। जिले के अलग-अलग इलाके से वहां पर लोग जरूर आए थे, जिनमें से कइयों की पहचान भी हो चुकी है। पिपराइच, खोराबार, गोरखनाथ, राजघाट, कोतवाली, तिवारीपुर इलाके के ज्यादातर उपद्रवियों के शामिल होने की आशंका हैं।
आमजन की सुरक्षा की जानकारी लेते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
अब पुलिस को यही बात ज्यादा परेशान कर रही है कि आखिर जब बाहरी नहीं थे तो शहर में आग उगलने वाले ये लोग कहां से इतने ट्रेंड थे कि ईंट बरसाकर आसानी से फरार हो गए।
तैयारी पूर्वनियोजित थी इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। लोगों के घरों के बाहर ईंट के ढेर, मस्जिद में दूसरे इलाके के लोगों का आना, मस्जिद के आसपास शाहमारूफ की दुकानों का बंद होना, हाथ में काली पट्टी बांधने जैसे कई ऐसे तथ्य जो इसकी पुष्टि करते हैं कि उपद्रवी पूरी तैयारी से घटना को अंजाम दिए हैं।
तैयारी पूर्वनियोजित थी इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। लोगों के घरों के बाहर ईंट के ढेर, मस्जिद में दूसरे इलाके के लोगों का आना, मस्जिद के आसपास शाहमारूफ की दुकानों का बंद होना, हाथ में काली पट्टी बांधने जैसे कई ऐसे तथ्य जो इसकी पुष्टि करते हैं कि उपद्रवी पूरी तैयारी से घटना को अंजाम दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपियों के पोस्टर के साथ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस बात को अपने जांच में शामिल कर चुकी है कि आखिर इन सब के पीछे कौन हैं। कैसे ये लोग पत्थरबाजी के लिए ट्रेंड हो गए। मुस्लिम समुदाय के बड़े बुजुर्ग खुद इस बात को कहने से गुरेज नहीं कर रहे हैं कि जिस तरह से घटना हुई है वह कश्मीरी अंदाज में हुई है।
वे कहते हैं कि इसके पीछे सोशल मीडिया का योगदान ज्यादा लगता है। क्योंकि कश्मीरी पत्थरबाजी के वीडियो अक्सर वायरल होते है जिसे ध्यान देकर तरीके को सीखा जा सकता है।
वे कहते हैं कि इसके पीछे सोशल मीडिया का योगदान ज्यादा लगता है। क्योंकि कश्मीरी पत्थरबाजी के वीडियो अक्सर वायरल होते है जिसे ध्यान देकर तरीके को सीखा जा सकता है।
विज्ञापन
aaropi
- फोटो : अमर उजाला
जांच में बाहरी लोगों के आने की पुष्टि नहीं हुई है। जनपद के अन्य इलाकों से लोग आए थे यह सही है। पत्थरबाजी कश्मीरी अंदाज में की गई है यह भी सही है। पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच जारी है।
- जगदीश सिंह, सीओ, एलआईयू
- जगदीश सिंह, सीओ, एलआईयू