फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

न इलाज मिला न एंबुलेंस, गर्भवती को बीच सड़क छोड़ा, चौराहे पर जन्मीं ये फूल सी बच्ची

Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, पीपीगंज/भरोहिया।
डिजिटल न्यूज डेस्क, पीपीगंज/भरोहिया। Published by: विजय जैन Updated Mon, 23 Dec 2019 10:50 PM IST
विज्ञापन
PHC refuse to admit pregnant lady, she born girl child on Crossroads
चौराहे पर जन्मी फूल सी बच्ची। - फोटो : अमर उजाला
प्रसव पीड़ा होते ही वो तड़पती हुई नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची थी, लेकिन न तो उन्होंने भर्ती किया और न ही गोरखपुर जाने के लिए एंबुलेंस मुहैया करवाई, बस से निकली तो लेबर पेन हुई, चालक चौराहे पर छोड़ गया। महिला ने चौराहे पर ही फूल सी बच्ची को जन्म दिया। आसपास की महिलाओं की मदद से जच्चा-बच्चा को कपड़े पहनाकर सरकारी एंबुलेंस से कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। कैंपियरगंज सीएचसी के प्रभारी ने इस मामले पर बयान दे दिया है।
PHC refuse to admit pregnant lady, she born girl child on Crossroads
बच्ची की मां और वो चौराहा, जहां बच्ची जन्मी। - फोटो : अमर उजाला
मामला, गोरखपुर जिले के बहदूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां प्रसव पीड़ा के दौरान पहुंची  पीड़िता राजमती को ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने भर्ती करने के बजाय महिला अस्पताल गोरखपुर जाने का हुक्म सुना दिया। स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ ने राजमती को जिला मुख्यालय भिजवाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं उपलब्ध कराई।

मजबूर गर्भवती अपनी एक सहयोगी के साथ रोडवेज बस पर सवार होकर जिला मुख्यालय को रवाना हुई। रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ी तो बस चालक भी उसे भगवानपुर चौराहे पर उतार कर चला गया।

चौराहे पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को देख स्थानीय लोगों ने आनन फानन पॉलिथीन और चादर तान कर घेरा बनाया। साथी महिला की सहायता से राजमती ने शिशु को जन्म दिया। सूचना पर पहुंची 102 एंबुलेंस जच्चा बच्चा को कैंपियरगंज सीएचसी ले गई। 
PHC refuse to admit pregnant lady, she born girl child on Crossroads
जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। - फोटो : अमर उजाला
साथी महिला उर्मिला ने बताया कि महरागंज जिले के कोल्हुई, शिकारगढ़ निवासी मनमोहन की पत्नी राजमती (22) गर्भवती होने पर बीते छह माह से मायके में रह रही है।  वह अपना स्वास्थ्य परीक्षण बहदूरी पीएचसी में समय समय पर कराती रही है। रविवार शाम चार बजे राजमती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। आशा बहू रीता देवी के साथ राजमती को लेकर वह बहदूरी पीएचसी पहुंचीं। वहां मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. रीशू गुप्ता ने राजमती को थोड़ी देर इंतजार करने का फरमान सुना दिया। पीड़ा बढ़ने पर उर्मिला ने महिला चिकित्सक से प्रसव कराने की मिन्नत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
PHC refuse to admit pregnant lady, she born girl child on Crossroads
कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल मां। - फोटो : अमर उजाला
इस पर डॉक्टर ने राजमती को गोरखपुर ले जाने का फरमान सुनाते हुए प्रसव कराने से इनकार कर दिया। आरोप है अस्पताल प्रबंधन ने 102 एंबुलेंस उपलब्ध कराने के बजाय पीपी गंज के निजी अस्पातल में जाने की सलाह दी। मजबूर होकर राजमती को रोडवेज बस से लेकर मुख्यालय आ रही थीं। पीपीगंज कस्बे से दो किलोमीटर पहले ही राजमती की हालत काफी बिगड़ गई। चालक ने भगवानपुर चौराहे पर ही पीड़ित और उसके साथ के लोगों को बस से उतार दिया। पीड़ित को तड़पता देखकर स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। उसके बाद प्रसव हुआ।
विज्ञापन
PHC refuse to admit pregnant lady, she born girl child on Crossroads
भगवानपुर चौराहा, जहां बच्ची का जन्म हुआ। - फोटो : अमर उजाला
आसपास की महिलाओं की मदद से जच्चा-बच्चा को कपड़े पहनाकर सरकारी एंबुलेंस से कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां दोनों का इलाज हो रहा है।

कैंपियरगंज सीएचसी के प्रभारी डॉ. भगवानदास ने बताया कि जच्चा-बच्चा अब खतरे से बाहर हैं। लापरवाही किसकी है, इस बारे में बिना जांच के बता पाना ठीक नहीं होगा। वही राजमती के साथ आई आशा गीता ने बताया कि बहदूरी में तैनात स्टाफ नर्स ने और इंतजार करने के लिए कहा था, लेकिन पीड़ित महिला व उसके परिवार के लोग नहीं माने और पीपीगंज आने के लिए बस पकड़ ली।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed