जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार को गोरखपुर में भी हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्त पथराव किया और पीएसी के एडिशनल एसपी की गाड़ी का शीशा तोड़ डाला। दुकान, वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
पथराव में दो पुलिस कर्मियों से पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इससे अफरातफरी मच गई। शाहमारूफ, नखास, अलीनगर, बख्शीपुर, घोष कंपनी, कोतवाली, रेती रोड और चौरइया गोला में भगदड़ मची, फिर धड़ाधड़ दुकानें बंद हो गईं।
पथराव में पुलिस कर्मी सत्यम सिंह यादव का हाथ टूट गया है। विकास जालान और सत्य प्रकाश सिंह ने मदीना चौक के पास भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो उग्र भीड़ दोनों को पीटने लगी। किसी तरह से दोनों को भीड़ से छुड़ाया गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर प्रथमेश कुमार के साथ चल रहे अमीन अजय ओझा को भी पत्थर लगा। अजय की हथेली में चोट लगी और खून निकलने लगा। एक और सिपाही को भी चोट आई है। पुलिस ने मामले में 11 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से कई इलाकों में जबरदस्त तनाव है।
दरअसल, जुमे की नमाज दोपहर करीब दो बजे खत्म हुई, फिर बड़ी मस्जिद के पास हाथों में काली पट्टी बांधकर भीड़ जुटने लगी। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। अफसरों ने कहा कि पीस कमेटी की बैठक हुई थी। सब कुछ सामान्य है। आप लोग व्हाट्सएप की सूचना पर आए हैं, अपने-अपने घरों को लौट जाएं।
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- फोटो : अमर उजाला
इसी बीच मदीना मस्जिद सहित आसपास की मस्जिदों की भीड़ आ गई। शाहमारूफ पर भीड़ जुटी और जुलूस की शक्ल में निकल पड़ी। अलग-अलग गलियों से निकलते हुए बेकाबू भीड़ नखास चौक पहुंच गई। नखास चौक में पुलिस कम थी, इसी का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस पर भी पथराव कर दिया। नखास की एक गली में पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जबरदस्त पथराव किया और आगे बढ़ने की चेतावनी भी दी। पुलिस ने भी पत्थर मारकर उपद्रवियों को गली के अंदर खदेड़ा। एडीएम सिटी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर और एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस, पीएसी के जवान आगे बढ़े।