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क्या सच में बढ़ सकती हैं डा. कफील की मुश्किलें? अलीगढ़ में बोले थे-फंसाना चाहते हैं योगी जी

Wed, 18 Dec 2019 11:05 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Wed, 18 Dec 2019 11:05 AM IST
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BRD medical college suspended doctor kafeel against file another case in aligarh
doctor kafeel khan
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. कफील की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। 25 अप्रैल 2018 हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा हुए डॉ कफील लगातार सक्रिय हैं और उनके खिलाफ बहराइच के बाद अब अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया है। मतलब साफ है कि पुराने विवाद अभी सुलझे नहीं है और डॉक्टर ने नए विवाद को खुद ही बनवा लिया है जो उनकी मुश्किलें बढ़ा सकती है।
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10 अगस्त 2017 को हुई थी बच्चों की मौत
10 अगस्त की रात बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कम होने की वजह से कई बच्चों की मौत का मामला सामने आया था तब सरकार की ओर से तत्कालीन प्रचार्य राजीव मिश्रा के साथ ही डॉ कफील को भी आरोपी बनाया गया था।

पुलिस ने दाखिल चार्जशीट में डॉ कफील पर सरकारी धन के दुरुपयोग की धारा 409 की बढ़ोतरी भी की थी। 2018 में जमानत पर रिहा होने के बाद डॉ कफील बहराइच के जिला अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंच गए थे। इस बात की भनक लगते ही अस्पताल प्रशासन की ओर से एक केस दर्ज कराया गया था, तब से ही डॉ कपिल सुर्खियों में हैं।
BRD medical college suspended doctor kafeel against file another case in aligarh
kafeel
इस बीच उन पर अलीगढ़ में एक और मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को भड़का कर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की है फिलहाल पुलिस डॉक्टर पर केस दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है।

जमानत खारिज करने की पैरवी कर सकती है सरकार
नाम न छापने की शर्त पर एक बड़े पुलिस अफसर ने बताया कि सरकार इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और वह इस मामले में कफील की जमानत रद्द कराने के लिए भी कोर्ट में अपील कर सकती है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
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हिरासत में डॉ. कफील - फोटो : amar ujala
अलीगढ़ में क्या बोले थे डॉ. कफील
गोरखपुर के सोशल एक्टिविस्ट डॉ. कफील खान ने कहा कि इस बिल से घबराने की जरूरत नहीं है। इस बिल को हमें डराने के लिए मोहरा बनाया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। आप लोग अपने सभी दस्तावेज पूरे रखें। यह देश हमारा है और हमारा रहेगा। जो हम चाहेंगे वही होगा।

अमित शाह जो बिल लाए हैं, वह असंवैधानिक हैं। इन्होंने बाबा साहेब के संविधान को माना ही नहीं। इनका देश को बांटने का इरादा है। आप छात्रों को ही इस जंग की मशाल उठानी होगी।

डॉ. कफील ने कहा कि यह नागरिकता बिल इसलिए लाया गया है क्योंकि एनआरसी में 19 लाख लोग छूट गए। उनको अंदर करने के लिए यह लाया गया। उन्होंने कहा कि हमारा सारा विपक्ष साफ्ट हिंदुज्म में छिप गया है हमें ही पहल करनी होगी। इस अवसर पर सैकड़ों छात्र छात्राएं मौजूद थे।
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कफील खान
मुझे अलीगढ़ आने से रोका गया, धमकाया: डॉ. कफील
एएमयू के छात्रों को समर्थन देने पहुंचे डाक्टर कफील ने कहा कि उन्हें यहां नहीं आने के लिए अलीगढ़ के पुलिस प्रशासन और एएमयू प्रशासन ने धमकी भरे अंदाज में चेतावनी दी। लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया।

डॉ. कफील ने कहा कि जब मैं जेल में था तो यहां एएमयू में भी मेरी गिरफ्तारी का विरोध हुआ था। मुझे न्याय दिलाने के लिए यहां पर भी आंदोलन हुआ। इसके बाद मैंने इरादा कर लिया था कि मैं एएमयू जरूर जाऊंगा जरूर चाहे योगी जी कितना भी रोकें।

उन्होंने कहा कि मुझे दो महीने पहले क्लीन चिट मिल गई थी। योगी जी को लगा कि अब कैसे फंसाया जाए। अब कह रहे हैं कि मैं सरकार के खिलाफ बोलता हूं। इस जुल्म के दौर में बोलेगा कौन? मैं भी चुप रहा तो कौन बोलेगा? डॉ. कफील पर गोरखपुर के एक हास्पिटल में बच्चों की मौत के बाद आरोप लगे थे। बाद में वह निर्दोष साबित हुए। वह अभी निलंबित चल रहे हैं।
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