बिजनौर जनपद के हल्दौर में बच्चा चोरी के शक में लोगों ने साधु की पिटाई कर दी। जिसे पुलिस के हवाले भी कर दिया गया। हालांकि पुलिस की जांच में बच्चा चोरी के आरोप निराधार निकले। दरअसल, लोगों ने कक्षा चार की एक छात्रा को थैले में बंद कर ले जाने का आरोप लगाते हुए पिटाई शुरू कर दी थी।
गांव अम्हेड़ा निवासी रुपचंद की बेटी संध्या गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। शनिवार की सुबह करीब दस बजे स्कूल से संध्या अपने घर पैदल आ रही थी।
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साधु की पिटाई।
- फोटो : amar ujala
ग्रामीणों का आरोप है कि साइकिल सवार साधु छात्रा को थैले में बंद कर ले जाने लगा। इसी बीच कुछ लोगों ने साधु को पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। पिटाई करने वाले लोगों का आरोप था कि छात्रा का शोर सुनकर मामले का पता लगा।
वहीं परिजन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने साधु को बच्चा चोर समझकर उसकी बुरी तरह पिटाई की। जिससे साधु घायल हो गया। इसके बाद ग्रामीण साधु को पकड़कर अम्हेड़ा चौकी ले गए और पुलिस को सौंप दिया।
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साधु की पिटाई का मामला।
- फोटो : amar ujala
साधु चांदपुर क्षेत्र के गांव मिठनपुर चमडौला के एक मंदिर में रहता था। वह कुछ दिनों से अपने गांव में ही रह रहा था। साधु ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए यह भी कहा कि वह गांव सल्लाहपुर निवासी अपने बहनोई के यहां जा रहा था।
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साधु की पिटाई का मामला।
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थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह का कहना है कि ऐसा कोई प्रकरण नहीं है, छात्रा साधु को देखकर घबरा गई और रोने लगी। साधु ने छात्रा से सिर्फ ये पूछा था कि बेटी रो क्यों रही है। बच्चा चोरी का आरोप पूरी तरह से निराधार है। साधु से पूछताछ और पड़ताल करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।