कमलेश तिवारी की हत्या में गिरफ्तार मौलाना अनवारूल हक और मुफ्ती नईम कासमी का विवादों से पुराना नाता रहा है। अनवारूल हक ने चार साल पहले विवादित बयान के बाद कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख और मुफ्ती नईम कासमी ने डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। वहीं पुलिस मौलाना अनवारूल हक के गुजरात लिंक की भी छानबीन कर रही है। आगे जानिए पूरा अपडेट-
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कमलेश हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि अनवारूल हक के दो भाई लंबे समय से सूरत में बिस्कुट की फेरी लगाने का काम करते हैं। पुलिस को शक है कि मौलाना के भाइयों से इनके तार जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा पांच साल पहले बिजनौर में विस्फोट के बाद फरार हुए सिम्मी आतंकियों के साथ संबंधों की भी जांच की जा रही है।
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मौलाना अनवारूल हक और मुफ्ती नईम कासमी
- फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद के गांव किशनपुर आंवला निवासी मौलाना अनवारूल हक पर बिजनौर में जामा मस्जिद के इमाम पद पर रहते हुए जिन्न उतारने के नाम पर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगा था और इस मामले में वह जेल भी गए थे। उनकी छवि कट्टरवादी की रही है। मुस्लिमों से जुड़े मामलों में अनवारूल बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों की हिमायत में और उन पर पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में वह प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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कमलेश तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : फाइल फोटो
वहीं दूसरे मुफ्ती नईम कासमी का भी दामन पाक साफ नहीं है। नईम कासमी चार भाई हैं। इनके तीन बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक नईम कासमी पर चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमे एक मुकदमा 2016, दो मुकदमे 2017 व एक मुकदमा 2018 में दर्ज है। नईम कासमी पर गुंडा एक्ट भी लगी है। गांव भनेड़ा में पुलिया के पास वे अपना निजी मदरसा चलाता है।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
बता दें कि कमलेश तिवारी की हत्या में गिरफ्तार अनवारूल हक के तीन और भाई हैं। एक भाई अकबर बिजनौर में परचून की दुकान करता है। बड़ा भाई असलम व इरफान दोनों भाई सूरत में बिस्कुट की फेरी लगाते हैं।