बरेली के बाकरगंज में तीन लोगों की मौत से मातम का माहौल है। गनीमत रही कि हादसा शुक्रवार को हुआ। इस दिन कारीगर जुमे की नमाज अदा करने के साथ ही अन्य घरेलू कार्य निपटाते हैं। लोग यह सोचकर ही सिहर उठते हैं कि घटना किसी और दिन होती तो जाने कितनी लाशें बिछ जातीं। हादसे में मृत ठेकेदार अतीक समेत दूसरे मृतकों के परिजन अफसोस जता रहे थे। स्थानीय नेता नदीम भी वहां मौजूद थे। लोगों ने बताया कि शुक्रवार को मांझे के अड्डे बंद रहते हैं। चूंकि ज्यादातर ठेकेदार व कारीगर अल्पसंख्यक समुदाय के हैं तो शुक्रवार को उनकी छुट्टी रहती है।
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मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन वे जुमे की नमाज के साथ ही अपने रोजमर्रा के काम निपटाते हैं। अतीक के यहां भी शुक्रवार को छुट्टी रहती है। अतीक के छोटे भाई हनीफ रजा ने बताया कि दोनों कर्मचारी शायद साफ-सफाई की वजह से आ गए थे और कल के काम की तैयारी में लगे थे। गंधक और पोटाश आदि के बारे में जानकारी से उन्होंने इन्कार किया, पर जाहिर है कि ऐसा ही कुछ रहा होगा।
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यहीं पर बन रहा था मांझा
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आशंका जताई कि किसी ने बीड़ी पी होगी, जिसकी चिंगारी से यह घटना हो गई। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शुक्रवार के अलावा दूसरे दिनों में यहां सात से आठ कारीगर काम करते हैं। गनीमत रही जो घटना शुक्रवार को हुई।
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Manjha Factory Explosion
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मांझे की अवैध फैक्टरी में धमाका, मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़े
बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए। पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की गूंज तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद धमाके का राज सामने आएगा।
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मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी
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बाकरगंज निवासी अतीक रजा खां (51) मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी चलाते थे। मोहल्ले के ही फैजान (26) और सरताज (24) उनकी फैक्टरी में कारीगर थे। अतीक ने अपने घर से सटे स्थित भूखंड पर मांझा बनाने का अड्डा बना रखा था। शुक्रवार सुबह 10 बजे अतीक, फैजान और सरताज मांझा बनाने के लिए मसाला तैयार कर रहे थे। इसके लिए गंधक, पोटाश के साथ कांच और लोहे के बारीक बुरादे को मिलाकर लुगदी तैयार की जानी थी।