उमेश पाल हत्याकांड में बी वारंट पर लाए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पूछताछ के लिए पुलिस अफसरों की स्पेशल टीम तैयार कर ली गई है। कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के दौरान उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े राज उगलवाने के लिए उससे पूछे जाने वाले दो सौ सवालों की फेहरिश्त तैयार की गई है।
यूपी : अफसरों की स्पेशल टीम करेगी माफिया से पूछताछ, राज उगलवाने के लिए दो सौ सवालों की सूची तैयार
उमेश पाल हत्याकांड में बी वारंट पर लाए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पूछताछ के लिए पुलिस अफसरों की स्पेशल टीम तैयार कर ली गई है। कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के दौरान उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े राज उगलवाने के लिए उससे पूछे जाने वाले दो सौ सवालों की फेहरिश्त तैयार की गई है।
कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस इन ढूंढ़ेगी इन खास सवालों का जवाब
- हत्याकांड के बाद से असद व अन्य शूटर और शाइस्ता परवीन कहां हैं?
- शाइस्ता, असद से आखिरी बार कब मुलाकात या बात हुई थी?
- घटना वाले दिन बहनोई अखलाख से अतीक की क्या बात हुई?
- बात करने के लिए फोन कहां से आया?
- किसी जेलकर्मी ने फोन दिया तो वह कौन था?
- घटना से पहले शूटर असद व गुलाम बरेली जेल में अशरफ से क्यों मिले?
- वह छह अन्य लोग कौन थे जो असद व गुलाम के साथ अशरफ से मिले?
- अखलाक से अतीक ने क्याें मंगाए थे 50 हजार रुपये?
- अखलाक के भतीजे अतीकुररहमान ने जिस पेटीएम वॉलेट में रुपये डाले, वह किसका था?
- उमेश पाल हत्याकांड से पहले अतीक से साबरमती जाकर कौन-कौन मिला?
- चकिया स्थित कार्यालय से बरामद लाखों की नगदी कहां से आई?
- असलहों से भरा बैग आखिर शाइस्ता के पास कहां से आया?
- खंडहर हो चुके मकान से मिले रजिस्टर का आखिर क्या है राज?
- अली का दो आधार कार्ड बनवाने के पीछे क्या है साजिश?
सात से 14 दिनों की मांगी जा सकती है रिमांड
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोर्ट में अतीक व अशरफ को सात से 14 दिनों तक कस्टडी रिमांड पर देने की अर्जी दी जा सकती है। गौरतलब है कि अतीक व अशरफ से पूछताछ के दौरान ही पुलिस को इस मामले में अहम सबूत इकट्ठा कर कड़ी से कड़ी भी जोड़ना है। ऐसे में उनसे गहन पूछताछ बेहद जरूरी है।
कचहरी परिसर छावनी में रहेगा तब्दील
उधर अतीक व अशरफ की पेशी को देखते हुए बृहस्पतिवार को कचहरी परिसर में कड़े सुरक्षा प्रबंध करने का निर्णय लिया गया है। कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं व वादकारियों को ही जाने की अनुमति होगी। सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी के साथ ही आरएएफ की भी तैनाती की जाएगी। इसके अलावा सादे कपड़ों में एलआईयू की टीम भी तैनात रहेगी जो हर गतिविधि की टोह लेती रहेगी। उधर दोनों भाइयों को जेल से न्यायालय तक लाने के दौरान भी पुलिस वाहन एस्कॉर्ट में लगाया जाएगा। गौरतलब है कि पिछली बार दोनों की पेशी के दौरान कुछ अधिवक्ताओं की ओर से भी नारेबाजी की गई थी। ऐसे में इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पेशी से पहले अफसरों ने परखी कोर्ट परिसर की सुरक्षा
कोर्ट में पेशी से पहले बुधवार को पुलिस के अफसरों ने अभियोजन अधिकारी केस साथ कचहरी परिसर में सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान सीजेएम कोर्ट के अलावा अतीक और अशरफ को पेशी पर लाए जाने वाले रास्तों पर भी चौकसी के इंतजामों को परखा। इसमें पुलिस उपायुक्त क्राइम सतीश चंद्र के अलावा डीसीपी कर्नलगंज, अभियोजन अधिकारी अविनाश और डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि शामिल थे।