प्रयागराजः माघ मेले में दलदल बना चुनौती, कई काम पिछड़े
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खतरा भी बढ़ा
दलदल की वजह से हादसे की भी आशंका बन गई है। आयोजन से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि ट्रैक्टर चलाकर जमीन बराबर कराई जा रही है। जहां ज्यादा कीचड़ या दलदल है, वहां मिट्टी डाली जा रही है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। ऐसे में मेला बसने के बाद जगह-जगह जमीन धंस जाएगी। इससे दुर्घटना की आशंका बन गई है।
दलदल तथा कीचड़ की वजह से भूमि आवंटन की तारीख भी आगे बढ़ानी पड़ी। महावीर मार्ग, संगम लोअर मार्ग आदि स्थानों पर मंगलवार और बुधवार भूमि आवंटन हुआ। जबकि, तीन दिन पहले ही इन स्थानों पर आवंटन होना था।
माघ मेले में दो अस्पतालों संग बनेंगे
प्रयागराज। माघ मेले में इस बार दो बड़े अस्पतालों के साथ एक बिस्तर वाले दस स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत प्रमुख स्थानों पर दस मेडिकल एड पोस्ट पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दारागंज अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे इलाज किया जाएगा।
माघ मेला क्षेत्र में बीस बिस्तरों वाला एक अस्पताल लगभग तैयार है। दूसरा अस्पताल एक सप्ताह में तैयार कर लिया जाएगा। वहीं मेले में दस छोटे अस्पताल भी बनाए जाने की तैयारी है। सभी अस्पतालों में 24 घंटे सेवा के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती को सूची तैयार कर ली गई है।
झूंसी के साथ शहर में रेलवे स्टेशन(जंक्शन), सिविल लाइंस बस अड्डे और अन्य प्रमुख स्थानों पर मेडिकल एड पोस्ट की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के हिसाब से मेडिकल एड पोस्ट पर डॉक्टरों से परामर्श के साथ दवाएं भी दी जाएंगी। आपदा पीड़ितों का प्राथमिक इलाज भी किया जाएगा। फिलहाल मेले के लिए 20 एंबुलेंस तैनात करने की योजना है। स्नान पर्वों पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।