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Prayagraj Flood : खतरे के निशान के करीब पहुंचा गंगा-यमुना का जलस्तर, बस्तियों में घुसा पानी

Sat, 19 Jul 2025 06:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 19 Jul 2025 06:41 PM IST
सार

गंगा और यमुना एक बार फिर उफान पर हैं। दोनों नदियों का जलस्तर 82 मीटर से ऊपर चला गया है और पानी कछार की बस्तियों के करीब तक पहुंच गया है। शनिवार तक बस्तियों में पानी घुसने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। शनिवार को गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट के मुख्य सड़क पर पहुंच गया। तीर्थ पुरोहित दूसरे स्थानों पर शिफ्ट होने लगे हैं। 

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Prayagraj Flood: Ganga-Yamuna water level reached close to danger mark, water entered settlements
दशाश्वमेध घाट के सड़कों पर आया बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

गंगा और यमुना एक बार फिर उफान पर हैं। दोनों नदियों का जलस्तर 82 मीटर से ऊपर चला गया है और पानी कछार की बस्तियों के करीब तक पहुंच गया है। शनिवार तक बस्तियों में पानी घुसने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में एक मीटर की बढ़ोतरी हुई है।

सिंचाई विभाग की शुक्रवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार नैनी में यमुना का जलस्तर 82.12 मीटर पहुंच गया। जबकि, बृहस्पतिवार को 81.12 मीटर जलस्तर था। वहीं गंगा के जलस्तर में भी इसी अवधि में 70 सेमी की वृद्धि हुई है। शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.13 मीटर था। छतनाग में 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 131 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। इससे गंगा के कछारी इलाके में दबाव बढ़ गया है।

ऐसे में छोटा बघाड़ा, सलोरी, नेवादा, अशोक नगर और बेली कछार में बस्ती के करीब तक पानी पहुंच गया है। शाम को ही छोटा बघाड़ा और अशोक नगर के निचले इलाके में सड़क पर गंगा की लहरें आने लगी थीं।सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यमुना में प्रति घंटा पांच सेमी और गंगा में तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ोतरी जारी थी। ऐसे में इन इलाकों में रात में ही सड़कों तथा बस्तियों में पानी घुसने की आशंका बन गई है। गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट के मुख्य सड़क पर पहुंच गया है। इससे घाट पर तख्त लगाने वाले तीर्थ पुरोहित दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो रहे हैं। 


Prayagraj Flood: Ganga-Yamuna water level reached close to danger mark, water entered settlements
प्रयागराज के कछारी इलाके में घुसा गंगा का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

सड़कों पर पहुंचने लगा पानी, लोग समटने लगे सामान

गंगा का दबाव बढ़ने के बाद कछार के निचले इलाकों में नालियों से भी पानी ऊपर की तरफ चढ़ने लगा है। इससे जल्द सड़कों पर पानी आने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने सामान समेटना भी शुरू कर दिया है। शिवकुटी के चिल्ला बस्ती की सड़कों पर पानी पहुंच गया है। इससे जल्द सड़कों के जलमग्न होने के साथ ही घरों में पानी घुसने की आशंका है। क्षेत्र के राहुल का कहना कि वे सामान समेटने लगे हैं ताकि पानी बढ़ने पर ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो सकें।

कोटेश्वर महादेव मंदिर के पंडित रवि किशन गिरि का कहना है कि निचले इलाके में पानी आ गया है। ऐसे में लोग सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी करने लगे हैं।गंगानगर के सुंदरम कॉलोनी और बेली कछार में भी बस्ती के पास पानी पहुंच गया है। पार्षद भोला तिवारी का कहना है कि लोगों को सतर्क किया गया है। सामान समेटने के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। बेली के संजय एवं सुभाष का कहना है कि पानी घर के पास आ गया है। जरूरी सामान पहले मंजिल पर शिफ्ट कर दिए गया है। कई परिवारों की ओर से ज्यादा पानी आने पर महिलाओं एवं बच्चों को रिश्तेदार के घर या गांव भेजने की तैयारी की गई है। जबकि, परिवार के एक-दो सदस्य बाढ़ आने पर सामान देखने के लिए रुके रहेंगे।

Prayagraj Flood: Ganga-Yamuna water level reached close to danger mark, water entered settlements
संगम तट पर श्री बड़े हनुमान मंदिर के चारों तरफ भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

आठ बाढ़ राहत शिविर सक्रिय, अन्य इंतजाम के भी निर्देश

बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। आठ बाढ़ राहत शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं। उनमें जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार सुबह तक बस्तियों में पानी घुसने की आशंका है। ऐसे में बघाड़ा स्थित एनी बेसेंट स्कूल, न्याय मार्ग पर ऋषिकुल, छावनी गेस्ट हाउस में पूरी तैयारी की गई है।

एसडीएम सदर अभिषेक सिंह का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि की यही रफ्तार रही तो सुबह तक पानी बस्तियों में आ जाएगा। इसे देखते हुए सभी इंतजाम किए गए हैं। नजदीक के टेंट हाउस में बिस्तर की आदि की बुकिंग की गई है। भोजन आदि की बुकिंग हो गई है। शिविर में लोगों के आने के बाद सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए जाएंगे।

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गंगा यमुना में बाढ़ के चलते संगम तट पर खड़ी नावें। - फोटो : अमर उजाला।

लोगों को किया गया अलर्ट, एनडीआरएफ की टीम तैनात

बाढ़ संभावित इलाकों के लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। छोटा बघाड़ा, अशोक नगर, शिवकुटी के चिल्ला बस्ती आदि क्षेत्रों में पहले पानी आने की आशंका है। अफसरों के अलावा सिविल डिफेंस की टीम ने इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। साथ ही बस्तियों में पानी आने से पहले सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। बाढ़ से राहत के लिए एनडीआरएफ की टीम भी लगातार भ्रमण कर रही है। नावें भी बुक की गई हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें भी लगाया जाएगा।

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गंगा यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद श्री बड़े हनुमान मंदिर परिसर में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

बाढ़ राहत कार्य के लिए मांगे 60 लाख

बाढ़ राहत के लिए जिला प्रशासन ने 60 लाख रुपये की मांग की है। डीएम की ओर से इसके लिए राहत आयुक्त को पत्र लिखा गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए इस राशि की मांग की गई है।

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